
CareerBuilder : एक ज़माना था जब 'करियरबिल्डर' और 'मॉन्स्टर' जैसे नाम नौकरी की तलाश कर रहे लाखों लोगों की पहली पसंद हुआ करते थे। 1990 के दशक के आख़िरी वर्षों और 2000 की शुरुआत में इन कंपनियों ने जॉब सर्च इंडस्ट्री में ऐसा वर्चस्व कायम किया था कि इनका नाम सुपर बाउल जैसे हाई-प्रोफाइल विज्ञापन स्पॉट्स में देखा जाता था। लेकिन वक्त का पहिया घूमा और अब यही कंपनी दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गई है। शिकागो स्थित यह संयुक्त कंपनी — जो कि 'करियरबिल्डर' और 'मॉन्स्टर' के सितंबर 2023 में हुए विलय के बाद बनी — ने अमेरिका की दिवालियापन संहिता के अध्याय 11 के तहत कोर्ट से सुरक्षा मांगी है। मंगलवार को फाइल किए गए दस्तावेज़ों में कंपनी ने कहा है कि वह अपने सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को बेचने की योजना पर काम कर रही है।
संघीय और राज्य सरकारों को दी जाने वाली सॉफ्टवेयर सेवाएं अब कनाडा की सॉफ्टवेयर कंपनी 'Valsoft' के पास जाएंगी। वहीं, नौकरी से जुड़ी लोकप्रिय वेबसाइटें military.com और fastweb.com को कनाडा की मीडिया कंपनी Valnet को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, जॉब बोर्ड से संबंधित संचालन 'Jobget' को बेचा जा रहा है। हालांकि इन सौदों की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह बताया गया है कि ये सभी खरीदार 'स्टॉकिंग हॉर्स बोलीदाता' के तौर पर कार्य करेंगे — यानी अगर कोई अन्य उच्च बोली नहीं लगाता, तो ये ही फाइनल खरीदार होंगे।
डेलावेयर दिवालियापन कोर्ट में दायर दस्तावेज़ों के अनुसार, इस संयुक्त कंपनी की कुल परिसंपत्तियां 5 करोड़ से 10 करोड़ डॉलर के बीच हैं, जबकि कर्ज का आंकड़ा 10 करोड़ से 50 करोड़ डॉलर तक बताया गया है। कंपनी संचालन जारी रखने के लिए 2 करोड़ डॉलर की तात्कालिक फंडिंग जुटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के सीईओ जेफ फुरमैन के अनुसार, “हमने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और अनिश्चित आर्थिक माहौल का सामना किया है। न्यायालय की देखरेख में चलने वाली बिक्री प्रक्रिया ही अब सबसे व्यावहारिक विकल्प है, जिससे मूल्य की रक्षा हो सके और रोजगार बरकरार रखे जा सकें।”
विशेषज्ञों का मानना है कि करियरबिल्डर + मॉन्स्टर जैसी कंपनियों को LinkedIn और अन्य सोशल मीडिया आधारित जॉब प्लेटफॉर्म्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ी। ये नई तकनीकें और प्लेटफॉर्म ज़्यादा यूज़र-फ्रेंडली और डेटा-ड्रिवन साबित हुए, जिससे पारंपरिक जॉब बोर्ड की चमक फीकी पड़ गई। गौरतलब है कि इस कंपनी का स्वामित्व प्रमुख निजी इक्विटी फर्म Apollo Global Management और डच स्टाफिंग कंपनी Randstad के पास है। कंपनी के पुनर्गठन में AlixPartners और क़ानूनी मार्गदर्शन के लिए Latham & Watkins जैसी प्रतिष्ठित लॉ फर्में मदद कर रही हैं। CareerBuilder