भारत ने सीजफायर पर सहमति जताई, अमेरिकी मध्यस्थता पर साधी चुप्पी
Indo -Pak War
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:44 AM
Indo -Pak War : हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद, अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों ने तत्काल युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई। ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश भी की, जिसे पाकिस्तान ने स्वीकार किया, लेकिन भारत ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह समझौता 10 मई 2025 को हुआ, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद कश्मीर क्षेत्र में विस्फोटों और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन के आरोप लगाए।
आपरेशन सिंदूर : भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने "आॅपरेशन सिंदूर" शुरू किया। इस आॅपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
अमेरिका की भूमिका और ट्रंप की मध्यस्थता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्षविराम की घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की और भारत-पाकिस्तान दोनों को बधाई दी। उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश भी की, जिसे पाकिस्तान ने स्वीकार किया, लेकिन भारत ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत की विदेश नीति पारंपरिक रूप से कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा मानती है और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करती। इसलिए, भारत ने ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश पर चुप्पी साधी और सीजफायर को दोनों देशों के बीच सीधे संवाद का परिणाम बताया।
क्या रहेगी आगे की राह
हालांकि सीजफायर की घोषणा हो चुकी है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं होगा और वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। इस घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा और कूटनीति के नए समीकरणों को जन्म दिया है, जिसमें भारत की दृढ़ नीति और अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका प्रमुख रही है।