ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को एस्कॉर्ट करना जारी रखती है, तो संघर्ष क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों तक फैल जाएगा। पढ़े पूरी खबर।

International News:ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। गार्ड्स के अनुसार, यदि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को एस्कॉर्ट करने का सिलसिला जारी रखती है, तो यह संघर्ष क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों तक फैल जाएगा। यह घटना गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को सामने आई। ईरान के गार्ड्स ने अपनी वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में अमेरिकी सेना को आगाह किया है। इस तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार और भारतीय शेयर बाजार पर असर पड़ा है। International News
ईरानी बलों ने जानकारी दी है कि रात भर में व्यापक खाड़ी क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों को निशाना बनाया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे जहाज एस्कॉर्ट में थे या नहीं। इन हमलों में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है। International News
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ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा करता है। यह जलमार्ग सबसे संकरे बिंदु पर करीब 30 किलोमीटर चौड़ा है, जिसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान स्थित है। फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब पाँचवें हिस्से की तेल आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती थी। International News
ईरान उन जहाजों पर नियमित रूप से हमले करता रहा है जो उसकी अनुमति के बिना इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने बड़ी संख्या में जहाजों को एस्कॉर्ट करना शुरू किया है, जिसके बाद ईरान ने अपने हमले तेज कर दिए हैं। वर्तमान में वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी है। दूसरी ओर, इस संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही वार्ता गतिरोध में है। इसी बीच सऊदी अरब पर हूती हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। International News
इस तनाव के चलते गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 3 प्रतिशत चढ़कर लगभग 112.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। इस उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा, जो गिरावट के साथ बंद हुए। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की ऊँची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं और चालू खाते पर दबाव डाल सकती हैं। इस धमकी पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है। आधिकारिक बयानों का इंतजार है। International News
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