दिल्ली नहीं पाकिस्तान में भी है लाल किला, जानें वहां किसने बनवाया ?
Paksitan Red Fort
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 11:53 AM
Pakistan Red Fort: दिल्ली में बने लाल किले के बारे में हर कोई जानता है। यह अपनी खूबसूरती के लिए भी महशूर है। लाल किले को भारत की एतिहासिक विरासतों का दर्ज प्राप्त है। जिसे देखने दूर-दूर से लोग देखने आते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि, साल 2007 में लाल किले को यूनेस्को द्वारा एक विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी शामिल किया गया था। इस लाल किले को पांचवे मुगल शासक शाहजहां ने बनवाया था। लेकिन क्या आपको पता है। इंडिया की ही तरह पाकिस्तान में भी एक लाल किला है। जो अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इतना ही नहीं इसे बनाने में 87 साल लग गए थे। आइए जानते है पाकिस्तान के लाल किले की खासियत।
पाकिस्तान में कहां है लाल किला?
पाकिस्तान का यह लाल किला इस्लामाबाद से तीन घंटे की दूरी मुजफ्फराबाद में स्थित है। जो मुजफ्फराबाद फोर्ट और रुट्टा किले के नाम से भी मशहूर है। मिली जानकारी के मुताबिक चक शासकों ने मुगलों से बचने के लिए इस किले का निर्माण शुरू कराया था। इस किले को बनाने का काम सा 1559 में शुरू हुआ था, लेकिन 1587 में मुगलों ने यहां कब्जा कर लिया था। जिसके बाद किले को बनाने का काम बिल्कुल धीरे हो गया था। लेकिन फिर धीरे-धीरे यह किला जैसे-तैसे साल 1646 में पूरी तरह बनकर तैयार हुआ था। जानकारी के मुताबिक उस समय यहां बोम्बा रियासत के सुल्तान मजफ्फर खान का शासन था, जिन्होंने मुजफ्फराबाद को बसाया था।
Pakistan Red Fort
किले का निर्माण फिर से हुआ था शुरू
खबरों की मानें तो 1846 में इस किले को फिर से बनाया गया था। उस समय यहां डोगरा वंश के महाराजा गुलाब सिंह का राज हुआ करता था। इतिहास से पता चलता है कि डोगरा वंश की सेना ने साल 1926 तक इस किले का इस्तेमाल करती थी। हालांकि जब उन्होंने इस किले को छोड़ा था, उसके बाद ये किला वीरान हो गया था। बता दें कि ये किला तीन तरफ से नीलम नदी से घिरा हुआ है, लेकिन इसकी हालत अब बहुत खराब हो गई है। यह किला वीरान और खंडहर के रूप में तब्दील हो गया है। ऐसा कहा जा रहा है इस किले को देखने परिंदा भी नहीं आता। पाकिस्तान का यह लाल किला सिर्फ खंडहर बनकर रह गया है। Pakistan Red Fort