जेलेंस्की ने पहले पुतिन के 10 हजार सैनिक मारे, अब एलन मस्क पर साइबर हमला!
Russia Ukraine War
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:00 PM
Russia Ukraine War : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध में एक नया मोड़ आ गया है। अब यह लड़ाई केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि साइबर युद्ध का भी रूप ले चुकी है। हाल ही में, अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक बड़े साइबर हमले की खबर आई है। एलन मस्क ने दावा किया है कि यह हमला यूक्रेन से किया गया था, जिससे 'एक्स' का सिस्टम ठप हो गया था।
यूक्रेन ने पहले रूस को झटका दिया, अब मस्क पर हमला?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अब भी रूस के साथ समझौते के मूड में नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने बिना अमेरिकी सहयोग के ही पुतिन के 10 हजार सैनिक मार गिराए, और अब, एलन मस्क के 'एक्स' पर हुए साइबर हमले ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। मस्क का कहना है कि यूक्रेन क्षेत्र से उत्पन्न आईपी एड्रेस के जरिए बड़े पैमाने पर 'एक्स' पर हमला किया गया, जिससे यह कुछ समय के लिए ठप हो गया था। फॉक्स बिजनेस को दिए गए इंटरव्यू में मस्क ने कहा कि सोमवार को 'एक्स' पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ। मुझे नहीं पता कि यह हमला किसने किया, लेकिन यह यूक्रेन क्षेत्र से शुरू हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि यह हमला व्यवस्थित तरीके से किया गया, जिससे यह संदेह बढ़ जाता है कि इसके पीछे कोई बड़ा समूह या सरकार शामिल हो सकती है।
साइबर हमला मस्क और पोलैंड के विदेश मंत्री के विवाद के बाद हुआ?
इस साइबर हमले की टाइमिंग भी दिलचस्प है। यह ठीक उसी समय हुआ जब मस्क और पोलैंड के विदेश मंत्री के बीच तीखी बहस हुई थी। मस्क ने स्टारलिंक प्रोजेक्ट को लेकर पोलैंड के विदेश मंत्री से बहस के दौरान कहा था कि मैं एक बटन दबाकर यूक्रेन को खत्म कर सकता हूं। इस बहस के दौरान उन्होंने पोलैंड के मंत्री को छोटा आदमी भी कह दिया था। इस बहस के अगले ही दिन 'एक्स' पर साइबर हमला हुआ, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जेलेंस्की शांति वार्ता के लिए सऊदी अरब में
जहां एक ओर यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है, वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की सऊदी अरब में शांति वार्ता में शामिल हुए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के साथ मिलकर जेलेंस्की अंतरिम सीजफायर (संभावित युद्धविराम) पर चर्चा कर रहे हैं। यूक्रेन की मांग है कि जेलेंस्की सिर्फ युद्धविराम नहीं बल्कि स्थायी शांति समझौता चाहते हैं और वे रूस से उन इलाकों को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिन पर रूसी सेना ने कब्जा कर लिया है। यह युद्ध 2022 में यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की कोशिश के बाद शुरू हुआ था।
साइबर युद्ध से पूरा विश्व झुलसेगा
यूक्रेन और रूस के बीच की यह लड़ाई अब डिजिटल दुनिया में भी फैल गई है। यदि एलन मस्क का दावा सही निकला, तो यह अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है कि साइबर हमला वास्तव में यूक्रेन सरकार द्वारा किया गया था। एक्स की साइबर सिक्योरिटी टीम अभी इसकी जांच कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह साइबर हमला एक नई जंग की शुरुआत है, या सिर्फ एक संयोग? Russia Ukraine War