
क्वेटा(Quetta) में हुई इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़ा किया है। पुलिस और अन्य अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शनिवार को उस समय हुआ जब मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई एयरपोर्ट रोड पर अपनी कार में जा रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके परिणामस्वरूप वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण वह बच नहीं पाए। उनका निधन हो गया। नूरजई के निधन से पाकिस्तान में धार्मिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन अब तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
यह हत्या पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रही राजनीतिक हिंसा और आतंकवादी हमलों की कड़ी में एक और जोड़ है। पाकिस्तान और पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने अब तक लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी समूहों के कई सदस्यों को निशाना बनाया है। पाकिस्तान में कई धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के हमलों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान में राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकवादी को भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना पाकिस्तान में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों और सुरक्षा स्थितियों को लेकर सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि इस प्रकार की घटनाओं पर काबू पाने के लिए पाकिस्तान सरकार क्या कदम उठाती है।Quetta: