योगी सरकार की बड़ी सौगात, जेवर एयरपोर्ट के लिए बढ़ा मुआवजा

इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है।

जेवर एयरपोर्ट अपडेट
जेवर एयरपोर्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar30 Jan 2026 09:58 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण को तेज रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले जेवर क्षेत्र के सात गांवों के प्रभावित किसानों का मुआवजा सीधे 3100 से बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जमीन उपलब्ध कराने की राह आसान होगी और परियोजना के अगले चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ेंगी।

किन गांवों के किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा?

जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रस्तावित पुनर्वास टाउनशिप के लिए जिन गांवों के किसान जमीन उपलब्ध करा रहे हैं, उनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर प्रमुख हैं। इन सात गांवों के प्रभावित किसानों को अब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले में यह भी साफ किया गया है कि SIA (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) नोटिफिकेशन की तारीख से लेकर अवॉर्ड की घोषणा तक किसानों को मूल मुआवजे पर बैंक ब्याज का लाभ भी मिलेगा। यानी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को सिर्फ बढ़ी हुई कीमत ही नहीं, बल्कि समय के साथ जुड़ा ब्याज भी मिलेगा।

क्यों बढ़ानी पड़ी दर?

दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के किसानों की सहमति के आधार पर वहां मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दिया गया था। जब यही दर जब दूसरे चरण की रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए प्रभावित सात गांवों में 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई, तो किसानों ने इसे असमानता मानते हुए एक जैसी दर की मांग तेज कर दी नतीजा यह हुआ कि अधिग्रहण की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों चरणों में मुआवजे की दर बराबर करके साफ संकेत दे दिया है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना में किसानों के हित और भरोसे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसी भरोसे के साथ आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

कितनी जमीन और कहां बनेंगी टाउनशिप?

जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए छह गांवों से अब तक 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अगला फोकस उन किसानों के पुनर्वास पर है, जिनके लिए मदापुर और फलैदा कट के आसपास दो आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सात गांवों से कुल 189.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि अधिग्रहण) बच्चू सिंह के मुताबिक, जिला प्रशासन पहले ही 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज चुका था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश (GO) जारी होते ही जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पुनर्वास टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आगे की तैयारियां बिना रुकावट आगे बढ़ेंगी। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट के पास किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा

जेवर एयरपोर्ट के पास एक खास प्रकार का फूड पार्क भी स्थापित किया जाएगा। इस फूड पार्क से आस-पास के किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला फूड पार्क उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

जेवर एयरपोर्ट
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 03:20 PM
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Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा शहर के पास जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। बार-बार बताया जा चुका है कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए ग्रोथ इंजन का काम करेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास एक खास प्रकार का फूड पार्क भी स्थापित किया जाएगा। इस फूड पार्क से आस-पास के किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला फूड पार्क उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

क्या है जेवर एयरपोर्ट के पास फूड पार्क की योजना

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के पास एक बड़ा फूड पार्क स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाया  गया है। जेवर क्षेत्र में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यह फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा सेक्टर-24 में 30 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के पास यह फूड पार्क एग्रो हब (कृषि निर्यात केंद्र) के तहत स्थापित होगा, जो कर्नाटक के कोलार स्थित इनोवा फूड पार्क द्वारा विकसित किया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट के पास स्थापित होने वाला यह बड़ा फूड पार्क कृषि और बागवानी उत्पादों की जांच, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, और इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जाएगा. एग्रो हब के कार्गो टर्मिनल से इसकी दूरी लगभग 10 किलोमीटर होगी, जिससे माल का परिवहन सस्ता और तेज होगा। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे. यहां स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे अमरूद, बेल, आम, आंवला का भी निर्यात किया जाएगा, साथ ही डेयरी प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयों का भी विकास होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव ने देखा फूड पार्क का स्थल

यीडा के जिस क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। उस क्षेत्र पर उत्तर प्रदेश सरकार का पूरा फोकस है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-24 में स्थित इस परियोजना स्थल का दौरा किया और कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात भी की।  इस दौरान कंपनियों के पदाधिकारियों ने फूड पार्क परियोजना का प्रेजेंटेशन भी दिया। यीडा प्राधिकरण ने फूड पार्क के लिए जमीन आवंटित करने के लिए एलओआई जारी करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कंपनी को भूमि मिल सकती है। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट बनेगा उत्तर प्रदेश का ग्रोथ इंजन, जल्दी ही होगा 11020 करोड़ का निवेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाले अत्याधुनिक उद्योगों तथा मेडिकल कॉलिज के लिए भूमि के आवंटन पत्र जारी किए हैं।

जेवर एयरपोर्ट
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar19 Jan 2026 06:03 PM
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Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा शहर के पास जेवर एयरपोर्ट स्थापित हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट से जल्दी ही हवाई यातायात शुरू होने वाला है। जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए नया इतिहास बनाएगा। इतना ही नहीं जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का ग्रोथ इंजन बनेगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास जल्दी ही 11020 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाले अत्याधुनिक उद्योगों तथा मेडिकल कॉलिज के लिए भूमि के आवंटन पत्र जारी किए हैं।

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ फैल रहा है बड़ा विकास

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट की स्थापना यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की पहल पर हुई है। यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ अनेक योजनाएं तथा परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इसी कड़ी में यीडा की तरफ से रविवार को जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाले उद्योगों के लिए भूमि के आवंटन पत्र वितरित किए गए हैं। यीडा के सीईओ... राकेश कुमार सिंह की पहल पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह ने लखनऊ में आवंटन पत्रों का वितरण किया है। इस ताजा आंवटन से यीडा के क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के आसपास 11020 करोड़ रूपए का पंूजी निवेश होगा। नए उद्योगों की स्थापना की पूरी जानकारी यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने दी है।

जेवर एयरपोर्ट के पास इन बड़ी कंपनियों की होगी स्थापना

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा यमुना प्राधिकरण ने 4 कंपनियों को 184 एकड़ के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है। इन भूखंडों में कंपनियां 11020 करोड़ का निवेश करेंगी। अलग-अलग सेक्टर में आवंटित भूखंडों पर सेमीकंडक्टर चिप, इलेक्ट्रिक उपकरण आदि का निर्माण होगा। इनमें एक मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। अफसरों मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 74 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। जहां पर 31 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि सेक्टर-28 में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 48 एकड़ औद्योगिक भूखंड का आवंटन किया गया है। जो एचसीएल व फॉक्सकॉन का संयुक्त  उपक्रम है। कंपनी 3706 करोड़ की लागत से इकाई स्थापित करेगी। जहां सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन होगा। वहीं, यमुना सिटी के सेक्टर-10 के इलेक्ट्रिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर में एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को 16 एकड़ जमीन का आवंटन हुआ है। जो इकाई स्थापित कर फ्लेक्सिबल पीसीबी, सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट का उत्पाद करेगी। कंपनी यहां पर 3250 करोड़ का निवेश करेगी। सेक्टर-8 में अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को 100 एकड़ जमीन दी गई है। 3532 करोड़ का निवेश कर इकाई स्थापित करते हुए कॉपर क्लैड लैमिनेट, पीसीबी एसेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रिक उपकरण का उत्पादन किया जाएगा। यमुना सिटी क्षेत्र में बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट मेडिकल कॉलेज बनाएगा। 20 एकड़ से अधिक जमीन का आवंटित की गई है।जिस पर 532 करोड़ की लागत से कॉलेज बनाया जाएगा।

एक साल में 65 औद्योगिक भूखण्डों का आंवटन

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राधिकरण ने 65 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है। इनमें से औद्योगिक योजना के तहत 28 ईकाइयों को 2.32 लाख वर्गमीटर का आवंटन किया है। इनमें 1332 करोड़ का निवेश और 8783 लोगों को रोजगार मिलेगा। ई-ऑक्शन योजना के तहत 37 ईकाइयों को एक लाख वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया। जिस पर 500 करोड़ का निवेश और 4800 लोगों को रोजगार मिलेगा। अफसरों ने बताया कि कुल 74 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। जिनमें 22 लाख वर्गमीटर जमीन दी गई है। उस पर 22960 करोड़ के निवेश से 31627 लोगों को रोजगार मिलेगा। Jewar Airport

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