योगी सरकार की बड़ी सौगात, जेवर एयरपोर्ट के लिए बढ़ा मुआवजा
इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण को तेज रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले जेवर क्षेत्र के सात गांवों के प्रभावित किसानों का मुआवजा सीधे 3100 से बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जमीन उपलब्ध कराने की राह आसान होगी और परियोजना के अगले चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ेंगी।
किन गांवों के किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा?
जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रस्तावित पुनर्वास टाउनशिप के लिए जिन गांवों के किसान जमीन उपलब्ध करा रहे हैं, उनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर प्रमुख हैं। इन सात गांवों के प्रभावित किसानों को अब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले में यह भी साफ किया गया है कि SIA (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) नोटिफिकेशन की तारीख से लेकर अवॉर्ड की घोषणा तक किसानों को मूल मुआवजे पर बैंक ब्याज का लाभ भी मिलेगा। यानी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को सिर्फ बढ़ी हुई कीमत ही नहीं, बल्कि समय के साथ जुड़ा ब्याज भी मिलेगा।
क्यों बढ़ानी पड़ी दर?
दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के किसानों की सहमति के आधार पर वहां मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दिया गया था। जब यही दर जब दूसरे चरण की रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए प्रभावित सात गांवों में 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई, तो किसानों ने इसे असमानता मानते हुए एक जैसी दर की मांग तेज कर दी। नतीजा यह हुआ कि अधिग्रहण की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों चरणों में मुआवजे की दर बराबर करके साफ संकेत दे दिया है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना में किसानों के हित और भरोसे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसी भरोसे के साथ आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
कितनी जमीन और कहां बनेंगी टाउनशिप?
जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए छह गांवों से अब तक 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अगला फोकस उन किसानों के पुनर्वास पर है, जिनके लिए मदापुर और फलैदा कट के आसपास दो आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सात गांवों से कुल 189.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि अधिग्रहण) बच्चू सिंह के मुताबिक, जिला प्रशासन पहले ही 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज चुका था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश (GO) जारी होते ही जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पुनर्वास टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आगे की तैयारियां बिना रुकावट आगे बढ़ेंगी। Jewar Airport
Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण को तेज रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले जेवर क्षेत्र के सात गांवों के प्रभावित किसानों का मुआवजा सीधे 3100 से बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जमीन उपलब्ध कराने की राह आसान होगी और परियोजना के अगले चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ेंगी।
किन गांवों के किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा?
जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रस्तावित पुनर्वास टाउनशिप के लिए जिन गांवों के किसान जमीन उपलब्ध करा रहे हैं, उनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर प्रमुख हैं। इन सात गांवों के प्रभावित किसानों को अब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले में यह भी साफ किया गया है कि SIA (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) नोटिफिकेशन की तारीख से लेकर अवॉर्ड की घोषणा तक किसानों को मूल मुआवजे पर बैंक ब्याज का लाभ भी मिलेगा। यानी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को सिर्फ बढ़ी हुई कीमत ही नहीं, बल्कि समय के साथ जुड़ा ब्याज भी मिलेगा।
क्यों बढ़ानी पड़ी दर?
दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के किसानों की सहमति के आधार पर वहां मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दिया गया था। जब यही दर जब दूसरे चरण की रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए प्रभावित सात गांवों में 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई, तो किसानों ने इसे असमानता मानते हुए एक जैसी दर की मांग तेज कर दी। नतीजा यह हुआ कि अधिग्रहण की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों चरणों में मुआवजे की दर बराबर करके साफ संकेत दे दिया है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना में किसानों के हित और भरोसे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसी भरोसे के साथ आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
कितनी जमीन और कहां बनेंगी टाउनशिप?
जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए छह गांवों से अब तक 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अगला फोकस उन किसानों के पुनर्वास पर है, जिनके लिए मदापुर और फलैदा कट के आसपास दो आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सात गांवों से कुल 189.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि अधिग्रहण) बच्चू सिंह के मुताबिक, जिला प्रशासन पहले ही 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज चुका था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश (GO) जारी होते ही जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पुनर्वास टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आगे की तैयारियां बिना रुकावट आगे बढ़ेंगी। Jewar Airport












