जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), पश्चिमी उत्तर प्रदेश और औद्योगिक क्षेत्रों को भी तेज और निर्बाध सड़क संपर्क मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का बड़ा हिस्सा पहले ही अधिग्रहित किया जा चुका है। अब तक करीब 422 एकड़ जमीन, यानी कुल आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत, खरीदी जा चुकी है। शेष भूमि अधिग्रहण का काम अगले एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। Jewar Airport
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प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मद में 1,204 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यीडा क्षेत्र के 16 गांवों से लगभग 740 एकड़ भूमि खरीदी जा रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को सौंप दिया जाएगा, जो एक्सप्रेसवे का निर्माण कराएगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। Jewar Airport
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प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले के सियाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर बिंदु पर सेक्टर-21 स्थित प्रस्तावित फिल्म सिटी के निकट जाकर जुड़ेगा।
पूरे मार्ग में लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा क्षेत्र में आएगा, जिसमें 9 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा स्थानीय यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए सर्विस रोड का भी निर्माण होगा, ताकि आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों में शामिल होगी। लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण 56 गांवों से होकर होगा। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 गांव और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर के खुर्जा, सियाना, सिकंदराबाद और सदर क्षेत्र के कई गांव इस परियोजना का हिस्सा बनेंगे। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही आसपास के इलाकों में निवेश और विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। Jewar Airport
परियोजना पूरी होने के बाद जेवर एयरपोर्ट सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इसका लाभ दिल्ली, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, आगरा और प्रयागराज समेत कई शहरों के यात्रियों को मिलेगा। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच भी तेज संपर्क स्थापित होगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और कम समय में पूरी की जा सकेगी। इस लिंक एक्सप्रेसवे से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टर-28, 29, 32 और 33 को भी सीधी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों की ढुलाई तेज होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद कार्गो ट्रैफिक को नया विकल्प मिलेगा और जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग हब को भी बड़ा लाभ होगा। भविष्य में इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) से जोड़ने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और आधुनिक टर्मिनल भवन के साथ इसकी वार्षिक क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की रखी गई है। आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट का विस्तार चार चरणों में किया जाएगा। इसके साथ-साथ सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों और उद्योगों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी मिल सके। Jewar Airport
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