Jewar Airport: करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाला यह शहर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यहां रहने, काम करने, पढ़ाई, इलाज और कारोबार की सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। यह परियोजना आने वाले समय में यमुना सिटी क्षेत्र को देश के सबसे बड़े योजनाबद्ध शहरी इलाकों में शामिल कर सकती है।

जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बदलती तस्वीर अब एक और बड़े विकास की गवाह बनने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन नोड के बीच एक नया आधुनिक शहर बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाला यह शहर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यहां रहने, काम करने, पढ़ाई, इलाज और कारोबार की सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। यह परियोजना आने वाले समय में यमुना सिटी क्षेत्र को देश के सबसे बड़े योजनाबद्ध शहरी इलाकों में शामिल कर सकती है।
पहले इस इलाके को केवल इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने की योजना थी लेकिन अब प्राधिकरण ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। नई योजना के तहत उद्योगों के साथ-साथ आवासीय सेक्टर, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, बड़े अस्पताल, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका मकसद ऐसा शहर तैयार करना है जहां लोगों को रोजमर्रा की हर जरूरत एक ही क्षेत्र में पूरी हो सके।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए यमुना अथॉरिटी ने टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विशेषज्ञ एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। चयनित एजेंसी पहले छह महीने में परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद अगले चार महीने में शहर का विस्तृत मास्टर प्लान बनाया जाएगा। योजना को मंजूरी मिलते ही जमीन पर विकास कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही इस पूरे इलाके में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। नया शहर बनने से उद्योगों को बेहतर माहौल मिलेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। साथ ही आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के विकास से इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
यमुना क्षेत्र की इस बड़ी योजना के साथ-साथ नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को भी राहत मिली है। लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए अब जरूरत पड़ने पर जॉइंट डेवलपर (JD) को शामिल करने की मंजूरी दी गई है। इससे ऐसे बिल्डर, जिनके पास धन की कमी है, दूसरे डेवलपर की मदद लेकर परियोजना को आगे बढ़ा सकेंगे।
स्पोर्ट्स सिटी के कई प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरे पड़े हैं जिससे हजारों खरीदार अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। जॉइंट डेवलपर को अनुमति मिलने के बाद इन परियोजनाओं में नया निवेश आने की संभावना बढ़ गई है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और फ्लैट खरीदारों को अपने घर मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पिछले कई वर्षों से कानूनी विवादों में फंसी हुई थी। वर्ष 2021 में यहां निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सेक्टर-150 के एससी-2 प्लॉट का लेआउट प्लान मंजूर हो चुका है और कई बिल्डरों ने बिल्डिंग प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन भी कर दिया है।
स्पोर्ट्स सिटी के एससी-1 प्लॉट को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। अब इस हिस्से का लेआउट प्लान तैयार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद यहां भी बिल्डिंग प्लान पास कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस हिस्से के प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।
नोएडा एयरपोर्ट, नए शहर की योजना, औद्योगिक निवेश और अधूरी परियोजनाओं को रफ्तार मिलने जैसे फैसलों से साफ है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से देश के बड़े विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले वर्षों में यह इलाका उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार का बड़ा हब बन सकता है।
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