
Noida News/ जेवर। हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। लाखों क्यूसेक पानी छोडे जाने को लेकर जेवर तहसील के दो दर्जन गांवों की फसल के बाढ में डूबने का संकट गहरा गया है। किसी भी समस्या से निपटने के लिये कानूनगो व लेखपालों को मौके पर तैनात किया गया है। जलस्तर के बढ़ते संकट को देखते हुए किसानों की नींद उड गयी है।
जेवर क्षेत्र के कानीगढी, गोविन्दगढ, सिरसा, मांचीपुर बांगर, मांचीपुर खादर, कर्रोल बांगर, कर्रोल खादर, रामपुर बांगर, रामपुर खादर, जेवर बांगर, जेवर खादर, छातंगा खुर्द, अलियाबाद उर्फ महेदीपुर, मेवला गोपालगढ, भगवंतपुर, छातंगा, झुप्पा, शमशमनगर के अलावा रबूपुरा क्षेत्र के महेंदीपुर बांगर, महेदीपुर खादर, करौली बांगर, अनवरगढ बांगर, सिरौली बांगर व फलैदा बांगर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
तहसील के कानूनगो व लेखपालों को प्राईमरी स्कूलों में कुल सात चौकी बनाकर तैनात किया गया है जिसमें कुल चार चौकी बनाई गयी है। बाढ़ आने से उक्त गांवों की धान की फसल के अलावा सब्जी की फसल उजड सकती है। किसानों को आशंका है कि यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है और हथनी कुंड बैराज से छोड़े गये पानी के आज शाम तक तहसील क्षेत्र के गांवों में पहुंचने की संभावना है। संभावित बाढ़ को देखते हुए किसान अपनी कच्ची फसल को काटकर पशुओं को खिलाने के लिये घर ले जा रहे हैं।
यमुना नदी से सटे बांध को तहसील प्रशासन ने पत्थर व मिट्टी डालकर झुप्पा बोर्डर से लेकर रामपुर बांगर तक मजबुत करा दिया है। जिससे बाढ़ का पानी उक्त गांवों में न घुस सके और ग्रामीणों को किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
उपजिलाधिकारी जेवर अभय कुमार सिंह का कहना है कि बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी दिन रात नजर रखे हुए हैंं। यह कर्मचारी पल पल की खबर से तहसील के उच्चधिकारियों को अवगत करायेंगे। Noida News