जेवर एयरपोर्ट टेकऑफ के करीब, जल्द शुरू हो सकती हैं उड़ानें
सके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी और बेहद अहम खबर सामने आई है, जिसने जेवर से लेकर पूरे एनसीआर तक उत्साह बढ़ा दिया है। लंबे समय से जिस शुरुआत का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत के बेहद करीब नजर आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से एयरोड्रम लाइसेंस भी जारी हो चुका है। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।
जेवर एयरपोर्ट ने पार किया सबसे अहम पड़ाव
जेवर एयरपोर्ट के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उसे ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल गई। इसके बाद DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिसे वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने से पहले सबसे अहम नियामकीय मंजूरी माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अब जेवर एयरपोर्ट परिचालन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और एयरलाइंस के साथ समन्वय तेज किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में 45 दिनों के भीतर उड़ान सेवा शुरू होने की बात कही गई थी। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन मार्च के आखिर तक हो सकता है, जबकि व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की चर्चा को अब अधिक मजबूत आधार मिलता दिखाई दे रहा है। फिलहाल जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में घरेलू यात्री और कार्गो उड़ानों के साथ संचालन शुरू होने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अभी कुछ और औपचारिकताएं तथा चरणबद्ध विस्तार बाकी है, इसलिए विदेशी रूट्स पर सेवाएं कुछ समय बाद शुरू होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट की कार्गो व्यवस्था भी तैयार बताई जा रही है, इसलिए जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सुविधा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी देखा जा रहा है।
जल्द खुल सकती है बुकिंग
सूत्रों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर शुरुआती दौर में उड़ानों का संचालन सीमित समय-सारिणी के साथ होगा। पहले चरण में दिन के समय उड़ानों पर जोर रहेगा और बाद में व्यवस्था को धीरे-धीरे विस्तारित किया जाएगा। यह मॉडल एयरपोर्ट संचालन को सुरक्षित, व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत को लेकर एयरलाइंस कंपनियों की हलचल भी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकाशा एयर ने यहां से सेवाएं शुरू करने की योजना की पुष्टि की है। टिकट बुकिंग उड़ान शुरू होने से करीब 30 दिन पहले खुल सकती है, इसलिए माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए बुकिंग विंडो इसी महीने सक्रिय हो सकती है।
इन शहरों से जुड़ सकता है जेवर एयरपोर्ट
पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से देश के बड़े शहरों को जोड़ने की तैयारी है। शुरुआती कनेक्टिविटी में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के नाम सामने आए हैं, जबकि पहले की चर्चाओं में चंडीगढ़, चेन्नई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों को भी संभावित सूची में माना जाता रहा है। यानी जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिल सकता है।
क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक नए एयरपोर्ट के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक धुरी माना जा रहा है। इससे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, निवेश को गति मिलेगी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को नया आधार मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी कहा है कि यह एयरपोर्ट पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, सुरक्षा ढांचा और प्रमुख परिचालन व्यवस्थाएं लगभग तैयार हैं। एयरपोर्ट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली लगभग 750 मीटर लंबी एक्सेस रोड भी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF संभाल रही है और ग्राउंड स्टाफ से लेकर तकनीकी टीमों की तैनाती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। Jewar Airport
Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी और बेहद अहम खबर सामने आई है, जिसने जेवर से लेकर पूरे एनसीआर तक उत्साह बढ़ा दिया है। लंबे समय से जिस शुरुआत का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत के बेहद करीब नजर आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से एयरोड्रम लाइसेंस भी जारी हो चुका है। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।
जेवर एयरपोर्ट ने पार किया सबसे अहम पड़ाव
जेवर एयरपोर्ट के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उसे ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल गई। इसके बाद DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिसे वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने से पहले सबसे अहम नियामकीय मंजूरी माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अब जेवर एयरपोर्ट परिचालन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और एयरलाइंस के साथ समन्वय तेज किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में 45 दिनों के भीतर उड़ान सेवा शुरू होने की बात कही गई थी। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन मार्च के आखिर तक हो सकता है, जबकि व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की चर्चा को अब अधिक मजबूत आधार मिलता दिखाई दे रहा है। फिलहाल जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में घरेलू यात्री और कार्गो उड़ानों के साथ संचालन शुरू होने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अभी कुछ और औपचारिकताएं तथा चरणबद्ध विस्तार बाकी है, इसलिए विदेशी रूट्स पर सेवाएं कुछ समय बाद शुरू होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट की कार्गो व्यवस्था भी तैयार बताई जा रही है, इसलिए जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सुविधा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी देखा जा रहा है।
जल्द खुल सकती है बुकिंग
सूत्रों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर शुरुआती दौर में उड़ानों का संचालन सीमित समय-सारिणी के साथ होगा। पहले चरण में दिन के समय उड़ानों पर जोर रहेगा और बाद में व्यवस्था को धीरे-धीरे विस्तारित किया जाएगा। यह मॉडल एयरपोर्ट संचालन को सुरक्षित, व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत को लेकर एयरलाइंस कंपनियों की हलचल भी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकाशा एयर ने यहां से सेवाएं शुरू करने की योजना की पुष्टि की है। टिकट बुकिंग उड़ान शुरू होने से करीब 30 दिन पहले खुल सकती है, इसलिए माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए बुकिंग विंडो इसी महीने सक्रिय हो सकती है।
इन शहरों से जुड़ सकता है जेवर एयरपोर्ट
पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से देश के बड़े शहरों को जोड़ने की तैयारी है। शुरुआती कनेक्टिविटी में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के नाम सामने आए हैं, जबकि पहले की चर्चाओं में चंडीगढ़, चेन्नई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों को भी संभावित सूची में माना जाता रहा है। यानी जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिल सकता है।
क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक नए एयरपोर्ट के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक धुरी माना जा रहा है। इससे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, निवेश को गति मिलेगी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को नया आधार मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी कहा है कि यह एयरपोर्ट पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, सुरक्षा ढांचा और प्रमुख परिचालन व्यवस्थाएं लगभग तैयार हैं। एयरपोर्ट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली लगभग 750 मीटर लंबी एक्सेस रोड भी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF संभाल रही है और ग्राउंड स्टाफ से लेकर तकनीकी टीमों की तैनाती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। Jewar Airport










