फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा हाईस्पीड कॉरिडोर, 15 मिनट में पूरी होगी दूरी

केंद्र सरकार ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक एक नया हाईस्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा।

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हाईस्पीड कॉरिडोर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Mar 2026 04:18 PM
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Jewar Airport News : केंद्र सरकार ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक एक नया हाईस्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह सड़क परियोजना लगभग 31.42 किलोमीटर लंबी होगी और इसके बनने से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी।

दिल्ली-एनसीआर के कई शहरों को मिलेगा सीधा फायदा 

प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना मार्ग से होकर सीधे जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा। इससे एनसीआर के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नई सड़क बनने के बाद दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा।

सिर्फ 15 मिनट में पहुंच सकेंगे जेवर एयरपोर्ट

इस परियोजना के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी करीब 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। तेज कनेक्टिविटी के कारण एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत

जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। एयरपोर्ट के आसपास सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है ताकि यात्रियों और कार्गो परिवहन को बेहतर सुविधा मिल सके। फरीदाबाद से बनने वाला यह नया हाईस्पीड कॉरिडोर भी इसी कनेक्टिविटी नेटवर्क का अहम हिस्सा होगा।

एनसीआर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सड़क परियोजना के बनने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि एनसीआर के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।



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यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने दी बड़ी खुशखबरी, होगा 220 करोड़ का निवेश

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार 13 मार्च 2026 को बड़ी खुशखबरी दी है।

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मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Mar 2026 06:23 PM
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YEIDA : यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार 13 मार्च 2026 को बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने यह खुशखबरी देते हुए बताया है कि फॉच्र्यून कंपनियों में शामिल प्रसिद्ध उद्योग समूह मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यीडा के क्षेत्र में 220 करोड़ रूपए का निवेश करेगी। यीडा ने कंपनी को लेटर ऑफर इनटेंट (LOI) सौंप दिया है।

राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है यीडा

आपको बता दें कि यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध IAS अधिकारी हैं। उनके नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में तेजी के साथ विकास हो रहा है। शुक्रवार को यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने प्रसिद्ध उद्योग समूह स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो को एक महत्वपूर्ण LOI सौंपा है। इस LOI के मुताबिक मिंडा समूह यीडा के सेक्टर-8 D में 7 एकड़ जमीन पर अपना उद्योग स्थापित करेगा। इस उद्योग की स्थापना में 220 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा।

यीडा ने प्रेस नोट जारी करके दी जानकारी

शुक्रवार को यीडा की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया। इस प्रेस नोट में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के द्वारा शुक्रवार को मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 8D में 7 एकड़ के भूखंड का लेटर ऑफ इनटेंट मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं शैलेन्द्र कुमार भाटिया (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी) द्वारा कंपनी के कार्यकारी निदेशक अशोक दास एवं पीयूष गोयल को सौंपा गया। इस अवसर पर श्री अमित जालान, प्रमुख (कॉरपोरेट मामलों), मिंडा ग्रुप भी उपस्थित रहे। प्रेस नोट में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन की निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत फॉर्च्यून 500 कंपनियों में शामिल होने के कारण कंपनी को सहायक अनुदान प्रदान किया गया है। मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इस परियोजना में लगभग 20,00,000 यूनिट स्विच, सेंसर एवं अन्य संबंधित ऑटो स्विच प्रणाली का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना पर कंपनी द्वारा लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना की स्थापना से क्षेत्र में कई प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

अनेक देशों में स्थापित है मिंडा उद्योग समूह के उद्योग

यीडा द्वारा जारी प्रेस नोट में यह भी बताया गया है कि स्पार्क मिंडा ग्रुप की कंपनी मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की भारत सहित वियतनाम, इटली, जापान और इंडोनेशिया में कुल 27 उत्पादन इकाइयाँ वर्तमान में संचालित हैं। कंपनी वैश्विक स्तर पर मेकेट्रॉनिक्स, सूचना एवं कनेक्टेड सिस्टम, प्लास्टिक एवं इंटीरियर, आफ्टरमार्केट उत्पाद तथा इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी द्वारा पुणे और बेंगलुरु में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

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जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा सुपरफास्ट कनेक्शन, दिल्ली से दूरी होगी कम

इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की टीम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) पहुंची, जहां एयरपोर्ट क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन एलाइनमेंट और परियोजना की व्यवहारिकता पर विस्तृत मंथन किया गया।

हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट
हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Mar 2026 09:34 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को देश के हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी प्रगति होती दिख रही है। दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर में जेवर एयरपोर्ट को शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की टीम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) पहुंची, जहां एयरपोर्ट क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन एलाइनमेंट और परियोजना की व्यवहारिकता पर विस्तृत मंथन किया गया। यह पहल इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जेवर एयरपोर्ट को केवल एक हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी वाले बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

गौतमबुद्ध नगर में बन सकते हैं दो हाईस्पीड स्टेशन

प्राधिकरण स्तर पर हुई चर्चा के अनुसार, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड ट्रेन परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहला स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में विकसित किए जाने की योजना है, जबकि दूसरा स्टेशन सीधे जेवर एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (GTC) में भूमिगत बनाया जाएगा। यह प्रस्ताव जेवर एयरपोर्ट की रणनीतिक महत्ता को और मजबूत करता है। बीते फरवरी में केंद्रीय बजट में इस रूट को लेकर सहमति मिलने के बाद अब इसे तकनीकी और संरचनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

एलाइनमेंट और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई विस्तार से चर्चा

मंगलवार को NHSRCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने YEIDA के अधिकारियों के साथ बैठक में परियोजना के एलाइनमेंट पर गहन चर्चा की। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर और आसपास विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की गई, ताकि हाईस्पीड ट्रेन का प्रस्तावित स्टेशन भविष्य की किसी अन्य परियोजना में बाधा न बने। अधिकारियों का फोकस इस बात पर रहा कि जेवर एयरपोर्ट में बनने वाले भूमिगत स्टेशन को डीपीआर का हिस्सा इस तरह बनाया जाए, जिससे यात्रियों को निर्बाध और आधुनिक कनेक्टिविटी मिल सके।

जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा बड़ा कनेक्टिविटी बूस्ट

जेवर में बन रहा जेवर एयरपोर्ट पहले से ही सड़क, रेल और मेट्रो आधारित कई बड़ी योजनाओं के केंद्र में है। एयरपोर्ट को मेट्रो, नमो भारत, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-34, एनएच-91 और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। कई कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ चुका है, जबकि कुछ के रूट और स्टेशन पहले ही तय किए जा चुके हैं। ऐसे में हाईस्पीड ट्रेन का प्रस्ताव जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे बेहतर तरीके से कनेक्टेड एयरपोर्ट्स में शामिल कर सकता है। परियोजना से जुड़े दावों के मुताबिक, हाईस्पीड ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह समय NCR के यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। बताया जा रहा है कि हाईस्पीड रेल ट्रैक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के मध्य हिस्से पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर में विकसित किया जाएगा। इसके बाद यह कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे बढ़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के GTC तक पहुंचेगा।

देश का अनोखा एयरपोर्ट मॉडल बन सकता है जेवर

यदि यह योजना तय समयसीमा में आगे बढ़ती है, तो जेवर एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला देश के चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स में शुमार हो सकता है। इससे यात्रियों को एयर, रेल और रोड—तीनों माध्यमों से एकीकृत आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता, यात्री संख्या और निवेश आकर्षण तीनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। यही वजह है कि इस परियोजना को केवल परिवहन विस्तार नहीं, बल्कि NCR के भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है। Jewar Airport

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