
Papmochani Ekadashi 2023 : हिन्दू धर्म मे एकादशी व्रत की काफी मान्यता रही है । पुराणों के अनुसार स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसे अर्जुन से कहा है कि चैत्र मास मे पड़ने वाली एकादशी पाप मोचनी एकादशी है अर्थात पाप को नाश करने वाली है। एकादशी व्रत को रखने से सभी समस्याएँ समाप्त जो जाती है । ये व्रत संतान प्राप्ति और प्रायश्चित करने के लिये रखा जाता है। इस व्रत को रखने वालो पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है और वे अपने भक्तों की मनोकामना की पूर्ति करते है। इस बार पापमोचनी एकादशी का व्रत 18 मार्च दिन शनिवार को पड़ रही है।
एकादशी तिथि प्रारंभ 17मार्च दोपहर 02 बजकर 06 मिनट पर होगी और एकादशी तिथि का समापन 18 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर होगा।
एकादशी व्रत का पारण 19 मार्च को किया जायेगा।इसका शुभ समय सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 07 मिनट तक है।
इस दिन भगवान के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है। उन्हें पीले आसान पर स्थापित करें और उन्हें पीले वस्त्र धारण करवाये। दायें हाथ मे चंदन और फूल लेकर व्रत का संकल्प ले। भगवान विष्णु को पीले फूल,पीली मिठाई अर्पित करे। इसके बाद उन्हें जनेऊ अर्पित करें। फिर दीपक जला कर पीले आसान पर बैठ कर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
व्रत के नियम:
ये व्रत दो प्रकार से रखा जाता है, निर्जला व्रत और निर्जलीय या फलाहारी।
• सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में दीपक जलाएं।
• इसमें भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और केले के पौधे में जल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
• फिर 108 बार ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें।