Rose Plant Care: बारिश के मौसम में गमले की मिट्टी कई बार जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाती है। ऊपर से देखने पर पौधा ठीक लगता है लेकिन नीचे जड़ों तक हवा ठीक से नहीं पहुंच पाती। ऐसे में पौधे की ग्रोथ धीमी पड़ जाती है और नई कलियां बनना भी रुक जाता है।

Rose Plant Care Tips: बारिश का मौसम आते ही घर की बालकनी, छत और गार्डन पहले से ज्यादा हरे-भरे नजर आने लगते हैं। इस मौसम में पौधों की ग्रोथ भी अच्छी होती है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि गुलाब का पौधा तो हरा-भरा दिखता है फिर भी उस पर नई कलियां नहीं आतीं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अक्सर इसकी वजह कोई बड़ी समस्या नहीं बल्कि देखभाल में हुई छोटी-छोटी गलतियां होती हैं। अगर सही समय पर पौधे को जरूरी पोषण, धूप और थोड़ी-सी अतिरिक्त देखभाल मिल जाए तो वही गुलाब का पौधा कुछ ही दिनों में नई कलियों से भर सकता है। आइए जानते हैं वे आसान उपाय जो आपके पौधे को फिर से खूबसूरत फूलों से सजा सकते हैं।
बारिश के मौसम में गमले की मिट्टी कई बार जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाती है। ऊपर से देखने पर पौधा ठीक लगता है लेकिन नीचे जड़ों तक हवा ठीक से नहीं पहुंच पाती। ऐसे में पौधे की ग्रोथ धीमी पड़ जाती है और नई कलियां बनना भी रुक जाता है। सबसे पहले गमले की ऊपरी मिट्टी को हल्के हाथों से 2 से 3 इंच तक ढीला करें। इससे जड़ों तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंचेगी। इसके बाद मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिला दें। अगर आप चाहते हैं कि पौधे में जल्दी फूल आएं तो फॉस्फोरस और पोटैशियम से भरपूर लिक्विड फर्टिलाइजर या केले के छिलकों का पाउडर भी मिट्टी में मिला सकते हैं। ये दोनों चीजें पौधे में नई कलियां बनने की प्रक्रिया को बेहतर बनाती हैं।
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कई लोग गुलाब के सूखे फूलों को लंबे समय तक पौधे पर ही लगे रहने देते हैं। यही आदत नई कलियों के आने की रफ्तार को धीमा कर सकती है। जब पौधे पर पुराने और सूखे फूल बने रहते हैं तो उसकी ऊर्जा नए फूल बनाने के बजाय उन्हीं हिस्सों पर खर्च होती रहती है। इसलिए समय-समय पर सूख चुके फूलों को उनके नीचे वाले हिस्से से काट दें। साथ ही पीली पड़ चुकी पत्तियों और सूखी टहनियों को भी हटा दें। हल्की प्रूनिंग से पौधा नई शाखाएं निकालता है और उन्हीं पर नई कलियां आने लगती हैं।
अक्सर लोग सोचते हैं कि बारिश के मौसम में पौधों को अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। अगर आपका गमला ऐसी जगह रखा है जहां बारिश का पानी सीधे नहीं पहुंचता तो मिट्टी की नमी जरूर जांचें। गुलाब के पौधे को रोजाना करीब 6 से 8 घंटे की अच्छी धूप पसंद होती है। इसलिए कोशिश करें कि गमला ऐसी जगह रखा हो जहां सुबह या दिन की सीधी धूप मिल सके। वहीं पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी हल्की सूखी महसूस हो। जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें कमजोर हो सकती हैं और पौधे की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
अगर काफी समय से गुलाब के पौधे में नई कलियां नहीं आई हैं तो एप्सम सॉल्ट भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम पौधे की सेहत सुधारने में मदद करता है और नई ग्रोथ को बढ़ावा देता है। इसके लिए एक लीटर पानी में लगभग एक चम्मच एप्सम सॉल्ट अच्छी तरह घोल लें और इसे पौधे की मिट्टी में डाल दें। महीने में एक या दो बार इसका इस्तेमाल करना काफी माना जाता है। इससे पौधे की पत्तियां ज्यादा हरी और चमकदार दिखती हैं साथ ही नई कलियां आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
गुलाब का पौधा बहुत ज्यादा मेहनत नहीं मांगता लेकिन उसे सही समय पर सही देखभाल जरूर चाहिए। मिट्टी को ढीला रखना, पौष्टिक खाद देना, सूखे फूलों की सफाई करना, पर्याप्त धूप दिलाना और जरूरत के हिसाब से पानी देना जैसी छोटी-छोटी बातें ही बड़े फर्क की वजह बनती हैं। अगर आपका गुलाब का पौधा कई दिनों से सिर्फ पत्तियां ही निकाल रहा है और फूल नहीं आ रहे हैं तो इन आसान तरीकों को जरूर अपनाकर देखें। थोड़े धैर्य और नियमित देखभाल के साथ आपका गमला फिर से रंग-बिरंगे गुलाबों से महक सकता है और बारिश के मौसम में आपकी बालकनी या गार्डन की खूबसूरती कई गुना बढ़ सकती है।
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