World Population Day 2023: 1987 से 2023 तक यूं बदल गए विश्व जनसंख्या दिवस के मायने
विश्व जनसंख्या दिवस (फाइल फोटो)
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:31 PM
By: Supriya Srivastava, 11 July
World Population Day 2023-आज विश्व जनसंख्या दिवस है। प्रतिवर्ष 11 जुलाई को यह दिन मनाया जाता है। इस खास दिन के मौके पर जाने इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें।
विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास -
11 जुलाई 1987 को पूरे विश्व की आबादी 5 अरब होने की खुशी में 5 बिलियन डे (Five Billion Day) मनाया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल द्वारा साल 1989 में इसी दिन की प्रेरणा को लेते हुए, प्रतिवर्ष 11 जुलाई के दिन को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। शुरुआती दौर में विश्व जनसंख्या दिवस प्रतिवर्ष जनसंख्या के साथ-साथ इंसान के विकास और प्रगति के लिए सेलिब्रेट किया जाता था। परंतु बाद में विश्व की लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए इस दिन का अर्थ बदल गया है। अब यह दिन बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करने व बढ़ती जनसंख्या की खामियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
क्या है विश्व जनसंख्या दिवस का महत्व -
विश्व भर में लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जनसंख्या को नियंत्रित करने और परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिये, विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया गया है।
विश्व भर में लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या हमारे आने वाले भविष्य के लिए अभिशाप है। बढ़ती हुई जनसंख्या की वजह से बेरोजगारी, भुखमरी, शिक्षा जैसी बड़ी समस्याएं विकराल रूप ले रही हैं, यही वजह है कि जनसंख्या के नियंत्रण को पूरे विश्व में प्राथमिकता दी जाने लगी है। विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर पूरे विश्व में परिवार नियोजन, गरीबी, लैंगिक समानता, नागरिक अधिकार, निरक्षरता, मां और बच्चे के स्वास्थ्य व गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल जैसे तमाम पहलुओं पर मंथन किया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र के द्वारा जो नवीनतम आंकड़ा पेश किया गया है, उसके मुताबिक पूरे विश्व की जनसंख्या लगभग 8 अरब पहुंच चुकी है। साल 2037 तक यह आंकड़ा 9 अरब के करीब होगा, जबकि 2057 तक पूरे विश्व की जनसंख्या 10 अरब के आंकड़े को पार कर सकती हैं।
World Population Day Theme 2023: क्या है इस वर्ष की थीम -
प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस मनाने के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है। साल 2023 के लिए जो थीम निर्धारित की गई है, वो है - 'एक ऐसी दुनिया की कल्पना करना जहां हम सभी 8 अरब लोगों का भविष्य आशाओं और संभावनाओं से भरपूर हो' (Imagine a World where everyone all 8 billion of us has a future bursting with promise and potential)'
वहीं साल 2022 में विश्व जनसंख्या दिवस की थीम थी "8 बिलियन की दुनिया सभी के लिए एक लचीले भविष्य की ओर अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार और विकल्प सुनिश्चित करना"
विश्व जनसंख्या दिवस का भारत में महत्व:
आज जब पूरे विश्व की जनसंख्या 8 अरब से ज्यादा है, ऐसे में अगर बात की जाए भारत देश की तो 1.42 अरब की जनसंख्या के साथ भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए जनसंख्या की दृष्टि में पूरे विश्व में पहले स्थान पर है। बढ़ती हुई जनसंख्या का पूरे जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है पर्यावरण तेजी से बदल रहा है। समय रहते सजग ना होंगे तो काफी दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य ही यही है कि लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाए। बढ़ती हुई जनसंख्या के दुष्परिणाम के प्रति लोगों को सतर्क किया जाए। और इस दिन को मनाने का एक उद्देश्य यह भी है कि विश्व स्थाई जनसंख्या को प्राप्त कर सके और हमारी पृथ्वी एवं पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।