PM Modi : चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 16 वर्षों के बाद किसी चिली के राष्ट्रपति ने भारत का दौरा किया है। दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
हैदराबाद हाउस में हुई उच्चस्तरीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट के साथ मुलाकात की। राष्ट्रपति बोरिक अपने पांच दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं और उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है। इस प्रतिनिधिमंडल में चिली के मंत्री, संसद सदस्य, व्यापार संगठन के प्रतिनिधि और भारत-चिली सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े प्रमुख व्यक्ति मौजूद हैं।
चिली के राष्ट्रपति से मिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर
प्रधानमंत्री मोदी से पहले, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चिली के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और बताया कि भारत-चिली के दीर्घकालिक सहयोग को और गहरा करने के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जयशंकर ने विश्वास जताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक के बीच हुई वार्ता से द्विपक्षीय साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होगी।
भारत-चिली संबंधों पर चर्चा
बैठक के दौरान भारत और चिली के बीच व्यापार, कूटनीति, सांस्कृतिक सहयोग और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति बोरिक अपनी यात्रा के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरे के दौरान वे आगरा, मुंबई और बेंगलुरु भी जाएंगे।
भारत-चिली व्यापारिक संबंधों में बढ़ोतरी
हाल के वर्षों में भारत और चिली के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में जहां द्विपक्षीय व्यापार 1545 करोड़ रुपये था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 3843 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चिली का लिथियम भंडार: भारत के लिए संभावनाएं
चिली दुनिया के सबसे बड़े लिथियम उत्पादकों में से एक है। वर्तमान में चिली अपने 80% लिथियम का निर्यात चीन को करता है। हालांकि, भारत-चिली संबंधों में मजबूती आने के बाद इस व्यापारिक प्रवाह में परिवर्तन होने की संभावना है। भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा भंडारण उद्योगों को देखते हुए, लिथियम व्यापार में संभावित साझेदारी को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा की संभावना है।
भारत और दक्षिण अमेरिका के बढ़ते संबंध
राष्ट्रपति बोरिक की यह यात्रा भारत और दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ बढ़ते संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल ही में पेरू के विदेश मंत्री शिलर साल्सेडो भी भारत दौरे पर आए थे, जहां दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की सहमति बनी। इस तरह की संभावनाएं चिली के साथ भी देखी जा रही हैं। PM Modi :
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