कड़ी मेहनत और हौसलों से हासिल की ऊँची उड़ान, देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनीं सानिया मिर्ज़ा
भारत
चेतना मंच
23 Dec 2022 05:10 PM
कहते हैं कि मेहनत और लगन से हर सपने को हकीकत में बदला जा सकता है फिर चाहे वह कितना ही मुश्किल क्यों न हो। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मिर्ज़ापुर के एक टीवी मैकेनिक की बेटी सानिया मिर्ज़ा ने। उन्होंने NDA एग्जाम में शानदार रैंक हासिल करते हुए न केवल देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट के रूप अपनी पहचान बनाई है बल्कि वे उत्तर प्रदेश की भी पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं। आइये जानते हैं सानिया की इस असल प्रेरणादायी कहानी के बारे में...
सानिया मिर्ज़ा, मिर्ज़ापुर जिले के एक छोटे से गांव से आती हैं जिनके पिता शाहिद अली एक टीवी मैकेनिक हैं। लेकिन उनकी इस बड़ी उपलब्धि ने न केवल जिले मात्र में नाम रोशन किया है बल्कि पूरे देश में उनकी चर्चा हो रही है।
दसवीं के बाद से ही देख लिया था फाइटर पायलट बनने का सपना
NDA परीक्षा में 149वीँ रैंक हासिल कर चुनिंदा लोगों में अपनी जगह बनाने वाली सानिया मिर्ज़ा ने हाई स्कूल की परीक्षा के बाद से ही फाइटर पायलट बनने के बारे में सोच लिया था और मन ही मन इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी। जब सानिया से उनके आइडियल यानि आदर्श के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे देश की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी को अपना आदर्श मानती हैं और उनसे काफ़ी प्रभावित हैं।
NDA परीक्षा पास करके तोड़ा पुराने मिथक को
सानिया मिर्ज़ा कहती हैं कि वे अक्सर ही ऐसा सुनती थीं कि केवल सीबीएसई और आइसीएससी बोर्ड से पढ़ने वाले छात्र ही इस NDA की परीक्षा को पास कर सकते हैं लेकिन सानिया ने यह मिथक भी तोड़ दिया। वे दसवीं तक अपने गांव के ही चिंतामणि दुबे इंटर कॉलेज से पढ़ीँ और इसके बाद उन्होंने 12वीँ के लिए शहर के गुरु नानक विद्यालय में दाखिला लिया जो कि एक यूपी बोर्ड विद्यालय है। 12वीँ में भी सानिया मिर्ज़ा ने अपने जिले में टॉप किया था।
उन्होंने बताया कि एक दिन पूर्व ही उन्हें जॉइनिंग लेटर मिला है और 27 दिसंबर को उन्हें जॉइनिंग के लिए पुणे बुलाया गया है। हालांकि वे इस परीक्षा को पहले प्रयास में क्रैक नहीं कर पायी थी लेकिन उन्होंने अपना प्रयास निरंतर जारी रखा और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।