राजकोट अग्निकांड में प्रशासन का कड़ा एक्शन, 6 अधिकारी समेत इंजीनियर, इंस्पेक्टर भी नपे
Gujarat News
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 02:24 PM
Gujarat News : गुजरात के राजकोट अग्निकांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। दरअसल TRP गेमिंग जोन में आग लगने से अब तक 28 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 12 बच्चे शामिल हैं। अब इस मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा राजकोट नगर निगम के दो अधिकारी असिस्टेंट इंजीनियर जयदीप चौधरी और टाउन प्लानर गौतम जोशी को भी सस्पेंड किया गया है। इसके साथ ही सड़क एवं निर्माण विभाग के दो अधिकारी एडिशनल इंजीनियर पारस कोठिया और डिप्टी इंजीनियर एम आर सुमा को भी सस्पेंड कर दिया है।
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आपको बता दें इसमें पुलिस विभाग के दो अधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर एन आर राठौड़ और पुलिस इंस्पेक्टर वी आर पटेल पर भी गाज गिरी है। वहीं इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को राजकोट गेम जोन दुर्घटना स्थल पर जाकर निजी तौर पर निरीक्षण किया था।
गुजरात सरकार ने गठित की थी 5 सदस्यीय SIT
आपको बताते चले कि राजकोट के टीआरपी गेम जोन में शनिवार को भीषण आग लग गई थी। कहा जा रहा है कि जनरेटर के लिए 1500 से 2000 लीटर डीजल, गो कार रेसिंग के लिए 1000 से 1500 लीटर पेट्रोल जमा था। जिसकी वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा स्ट्रक्चर जलकर राख हो गया। गेम जोन से बाहर निकलने और प्रवेश के लिए 6 से 7 फीट का एक ही रास्ता था। गेम जोन में एंट्री के लिए 99 रुपये की स्कीम थी, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग हादसे के टाइम मौजूद थे। इस मामले में राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय SIT गठित कर दी है।
हाई कोर्ट ने की संज्ञान
बता दें इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट की स्पेशल ब्रांच की बेंच ने सुनवाई करते हुए इस घटना को मानव निर्मित आपदा बताया था। कोर्ट ने कहा था कि गेमिंग जोन के निर्माण और संचालन के लिए नियमित और उचित नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अहमदाबाद में सिंधुभवन रोड, सरदार पटेल रिंग रोड और एसजी हाईवे पर गेमिंग जोन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं. हाईकोर्ट ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट नगर निगम से स्पष्टीकरण मांगा था। Gujarat News