Anand Mahindra Birthday Special- कैसे बनी मोहम्मद एंड महिंद्रा से महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी ?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:31 PM
Anand Mahindra Birthday Special- आनंद महिंद्रा के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा। आनंद देश के नामी और दिग्गज बिजनेसमैन हैं। आज इनका 68वां जन्मदिन है। इस मौके पर आइये जानते हैं इनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में।
आनंद महिंद्रा का जन्म आज ही के दिन 1955 में मुंबई में हुआ था। संपत्ति तो इनको अपने पूर्वजों से रियासत में मिली ही थी। इनके पिता का नाम हदीश और माता का नाम इंदिरा महिंद्रा था। वहीं अगर बात करें इनके दादा की तो, इनके दादा का नाम जगदीश महिंद्रा था। जगदीश महिंद्रा यानी इनके दादा ही महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप्स के को-फाउंडर थे। आनंद ने अपनी स्कूली पढ़ाई लवलेड के लॉरेंस स्कूल से पूरी की और उसके बाद ये फ़िल्म और वास्तुकला में पढ़ाई करने लगे।
आनंद महिंद्रा हैं बिल गेट्स के सहपाठी-
1981 में आनंद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चले गए और वहां से इन्होंने एमबीए की पढ़ाई को पूरा किया। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आनंद के साथ ही बिल गेट्स भी पढ़ते थे। बिल गेट्स इनके सहपाठी हुआ करते थे। जैसे ही आनंद का एमबीए पूरा हुआ। इन्होंने फाइनेंस विभाग में कार्यकारी सहायक के रूप में महिंद्रा यूजीन स्टील कंपनी लिमिटेड (मुस्को) में काम करना शुरू किया। काम करते हुए जैसे ही उन्होंने 8 साल को पूरा किया, उसके बाद उन्हें कंपनी का अध्यक्ष और उप प्रबंध निदेशक का पद दे दिया गया।
मोहम्मद एंड महिंद्रा से बनी महिंद्रा एंड महिंद्रा-
आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी को शुरुआत में मुहम्मद एंड महिंद्रा के नाम से जाना जाता था। इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा कारण है। असल में 1945 से पहले इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य स्टील का व्यापार था। इसमें जगदीश महिंद्रा के साथ उनके साथी मुहम्मद ने भी अहम भूमिका निभाई थी और फिर जब भारत विभाजन हुआ, उसके बाद उनके साथी मुहम्मद देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए। फिर बाद में हरिकृष्ण महिंद्रा और जयकृष्ण महिंद्रा ने मिलकर इसका नाम मोहम्मद एंड महिंद्रा से बदलकर महिंद्रा एंड महिंद्रा कर दिया। इसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कंपनी ने जीप निर्माता का भी काम किया और फिर ये दुनियाभर में मशहूर हो गई।
1991 में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के लिए एक नई शुरुआत का दौर था क्योंकि इस साल आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra As Dupty Managing Director) ने डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कंपनी की बागडोर अपने हाथों में ली थी। जिस समय इन्हें काम सौंपा गया था, उस समय मज़दूरों की हड़ताल चल रही थी। ऐसे में कर्मचारियों को कंपनी की सबसे मूल्यवान संपत्ति मानते हुए, आनंद ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया। उन्होंने यूं ही इसको नहीं मान लिया, इसके लिए उन्होंने एक स्मार्ट तरीके को अपनाया। उन्होंने ये एलान कर दिया गया कि जो भी कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे उन्हें दिवाली बोनस से वंचित रखा जाएगा। ये सुनते ही कंपनी का जो प्रोडक्शन रेत था वो 50 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 150 प्रतिशत पहुँच गया था।
Anand Mahindra Birthday Special-
भारत में स्कोर्पियो का आगमन-
महिंद्रा कंपनी की समस्या यहीं पर ही खत्म नहीं हुई। इसके बाद उन्हें एक और समस्त का भी सामना करना था। उनके पास तकनीक की कमी थी। इसीलिए उन्होंने फोर्ड के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम में प्रवेश किया। फिर दोनों ने मिलकर एस्कोर्ट कार को लांच किया जो कि सक्सेस ही नहीं हुई।। लेकिन आनंद ने उम्मीद नहीं छोड़ी और फिर उन्होंने एक वाहन का उत्पादन किया। एक नए वाहन को लाना सच में एक कड़ी चुनौती थी। लेकिन इन सबसे परेशान न होकर भी आनंद ने स्कॉर्पियो को लांच किया। देखते ही देखते ये इतनी पॉपुलर हो गई कि आज भी बाजारों में ये ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है।
महिंद्रा राइज का जन्म-
2009 आते- आते ये कंपनी करोडों की मालिक बन गई और घर- घर में हर कोई इसे जानने लगा। ऐसे में कंपनी को लगा कि क्यों न अपने नाम को ऋणों किया जाए। इसीलिए उन्होंने कंपन के नाम के आगे 'राइज' लगाना शुरू कर दिया। बस यहीं से 'महिंद्रा राइज' का भी जन्म हुआ है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने पंजाब ट्रैक्टर्स का भी अधिग्रहण किया है, जिसके बाद ये दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी भी बन गई है।