पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का घिनौना चेहरा, PM मोदी की कश्मीर रैली को विफल करने की रची साजिश
PM Modi Kashmir Visit
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 01:28 PM
PM Modi Kashmir Visit : भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में सक्रिय पाकिस्तान की खुफिया एजेंंसी आईएसआई... का घिनौना चेहरा एक बार फिर सामने आया है। ISI के इशारे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कश्मीर में होने वाली रैली को विफल करने की साजिश रची गयी है। ISI के इशारे पर विदेशी नम्बरों से फोन करके कश्मीर के लोगों को धमकी दी जा रही है। धमकी देने वाले कह रहे हैं कि मोदी की रैली में मत जाना। नहीं तो देख लेंगे।
बृहस्पतिवार को है कश्मीर में PM मोदी की रैली
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार (कल) श्रीनगर में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छे-370 हटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कश्मीर में यह पहली रैली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली को लेकर हमारा पड़ोसी दुश्मन पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर प्रधानमंत्री की रैली को विफल करने की साजिश रची गयी है। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि गुरुवार को पीएम श्रीनगर में कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। श्रीनगर में कल (07 मार्च) होने वाली पीएम की इस जनसभा से पहले कश्मीर के लोगों को धमकी भरे कॉल आ रहे हैं, जिसमें स्थानीय लोगों को पीएम की जनसभा में शामिल न होने की धमकी दी गई है।
पीएम की रैली का बहिष्कार करने की धमकी
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कश्मीर में मोबाइल और लैंडलाइन पर पीएम की रैली का बहिष्कार करने के लिए कॉल कर रही है। कश्मीर के लोगों को अलग-अलग इंटरनेशनल फोन नंबरों से कॉल आ रहे हैं। फोन करने वाले लोगों को धमकी देते हुए कल पीएम की रैली से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। खबर आते ही सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
PM Modi Kashmir Visit
5,000 करोड़ की योजना का होगा उद्घाटन
आपको बता दें प्रधानमंत्री मोदी श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में विकसित भारत विकसित जम्मू कश्मीर कार्यक्रम में शामिल होंगे। जहां वे केंद्र शासित प्रदेश में कृषि-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें "स्वदेश दर्शन" और "प्रशाद" (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन ड्राइव) योजनाओं के तहत 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यटन क्षेत्र से संबंधित राष्ट्रव्यापी परियोजनाएं शामिल हैं, जिसमें एकीकृत विकास के लिए एक परियोजना भी शामिल है।