Bihar Politics इन दिनों राज्यसभा सांसद मनोज झा द्वारा राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर बहस के दौरान ठाकुरों के बारे में दिए गए बयान को लेकर सियासी विवाद काफी जोर शोर से चल रहा है। शुरुआत में सांसद मनोज झा के बयान को लेकर राजपूतों ने एतराज किया था उसके बाद सांसद आनंद मोहन सिंह के बेटे आरजेडी से ही विधायक चेतन आनंद ने सोशल मीडिया पर एतराज उठाया था। बाद में आनंद मोहन सिंह ने भी चेतन आनंद का समर्थन किया।
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राज्यसभा सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में बहस के दौरान ओमप्रकाश बाल्मिकि की ठाकुरों के ऊपर लिखी कविता का उल्लेख किया तो ठाकुर सांसदों ने उस पर आपत्ति जताई थी। जिस पर बाद में पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के बेटे विधायक चेतन आनंद ने सोशल मीडिया के माध्यम से एतराज जताया था। उसके बाद पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के समर्थन करने के बाद से ही भाजपा ने भी इसे हाथोंहाथ ले लिया। भाजपा के सुशील मोदी ने भी ठाकुर जाति को लेकर की गई मनोज झा की टिप्पणी पर आपत्ति जताया और उसे घोर आपत्तिजनक बताया। वैसे भी आरजेडी सांसद ने बैठे बैठाये एक ऐसा मुद्दा दे दिया जिसे भाजपा पूरी तरह भुनाने की कोशिश कर रही है। सुशील मोदी इस बयान को ठाकुरों के प्रति नफरत और दुर्भावना का नाम देकर उसे भुनाना चाहते हैं। हालांकि आरजेडी ने इस विवादित टिप्पणी पर कहा है कि राज्यसभा सांसद ने किसी जाति विशेष पर यह टिप्पणी नहीं की थी, उन्होंने सामंतवादी सोच को लेकर अपनी बात कही थी और ओमप्रकाश बाल्मिकि की कविता को पढ़ा था। इसमें उनकी कोई जातिगतद दुर्भावना नहीं थी। इन दिनों तेजस्वी यादव पटना से बाहर रहे और जब उनसे इस विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पटना लौटकर दोनों पक्षों की बात जानते हैं उसके बाद ही इस मामले में कुछ कह सकते हैं।
लालू का बयान कहीं भारी न पड़ जाए
अभी यह सियासी विवाद चल ही रहा था कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के इस विवाद पर ताजा बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। लालू प्रसाद यादव ने बाहुबली आनंद मोहन के द्वारा दिए गए बयान पर कहा कि आनंद मोहन कम अक्ल हैं। इसके बाद उन्होंने उनके बेटे विधायक चेतन आनंद को लेकर भी यही कहा कि उसके पास भी अक्ल की कमी है। लालू प्रसाद का यह बयान आने वाले समय में क्या मोड़ लेता है यह देखने का विषय है। हालांकि लालू प्रसाद का यह बयान बाहुबली आनंद मोहन को भड़काने के लिए नहीं था, लेकिन देखना होगा कि आनंद मोहन कब तक शांत रहते हैं और इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी। कहीं सांसद मनोज झा के बाद लालू का बयान बिहार की राजनीति में कोई नया भूचाल न ला दे और आरजेडी के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा नुकसान साबित हो।