
दिल्ली हाई कोर्ट(Delhi High Court) ने याचिकाकर्ता को गृह मंत्रालय के पास ज्ञापन देने के लिए कहा है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि गृह मंत्रालय इस मामले पर शीघ्र निर्णय ले। इसके साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में निर्णय गृह मंत्रालय को ही लेना होगा। याचिकाकर्ता ने सरकार से संविधान में संशोधन करने की मांग की थी, ताकि "इंडिया" के स्थान पर "भारत" या "हिंदुस्तान" शब्द को अपनाया जा सके।
याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन की मांग की है। उनका तर्क है कि देश का एक ही नाम होना चाहिए और "इंडिया" शब्द को बदलकर "भारत" या "हिंदुस्तान" शब्द को स्वीकार किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में भिन्न-भिन्न नामों का उपयोग होने से नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। उदाहरण के तौर पर, आधार कार्ड पर 'भारत सरकार', ड्राइविंग लाइसेंस पर 'यूनियन ऑफ इंडिया', और पासपोर्ट पर 'रिपब्लिक ऑफ इंडिया' लिखा होता है, जिससे भ्रम होता है।
इससे पहले, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने देश के असली नाम "भारत" को संविधान में आधिकारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मंत्रालय को इस मामले पर विचार करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक मंत्रालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।Delhi High Court: