दो हजार करोड़ रूपए के गंदे धंधे का खुलासा, फिल्मों की आड़ में चल रहा था धंधा
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 11:43 AM
Tamilnadu News : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा दिल्ली पुलिस की एक टीम ने ड्रग्स के गंदे धंधे का बड़ा पर्दाफाश किया है। एनसीबी तथा दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में दो हजार करोड़ रूपए के ड्रग्स सिंडिकेट को चलाने वाले एक फिल्म प्रोडयूसर को पकड़ा गया है। इस गिरफ्तारी से बॉलीवुड से लेकर टॉलीवुड तक में हडक़ंप मच गया है।
फिल्मों की आड़ में गंदा धंधा
आपको बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने एक तमिल फिल्म प्रोड्यूसर जाफर सादिक को गिरफ्तार किया है, जो 2000 करोड़ रुपए के इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का संचालन करता था. उसकी पहुंच सिनेमा से लेकर सियासत तक के दिग्गजों के बीच रही है. यहां यह बताना बेहद जरूरी है कि जफर सादिक कहने को तो एक फिल्म प्रोड्यूसर है, लेकिन उसका असली धंधा ड्रग्स की तस्करी है. एक, दो नहीं बल्कि तीन मुल्कों में उसका काला कारोबार चल रहा है. नशे का ये सौदागर ड्रग्स सिंडिकेट से कमाए पैसों को फिल्म, रियल स्टेट और कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में लगाया करता था. उसकी राजनीति में भी खासी दिलचस्पी रही है. दक्षिण के एक प्रमुख राजनीतिक दल द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके का सदस्य रह चुका है. एनसीबी द्वारा पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जफर ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सात लाख रुपए दिए थे. इनमें पांच लाख रुपए बाढ़ के वक्त रिलीफ फंड में दिए गए, जबकि दो लाख पार्टी फंड में दिए थे. ये पैसा किस सोर्स से कमाकर दिय़ा गया था, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम इसकी भी जांच कर रही है.
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अब ED भी करेगी कार्यवाही
बता दें कि एनसीबी मनी लांड्रिंग की जांच के लिए ईडी को भी खत लिख रही है. इस मामले में पूछताछ के लिए उदयनिधि स्टालिन को भी बुलाया जा सकता है. इसके साथ ही एनसीबी बॉलीवुड के कुछ बड़े फिल्म फाइनेंसरों को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाने वाली है. जफर ने 'मंगई' नामक एक तमिल फिल्म को ड्रग्स के पैसे से बनाया है. उससे पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इसके तार भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ड्रग कार्टेल से जुड़े रहे हैं. उसने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को 2000 करोड़ रुपए की ड्रग्स स्मगलिंग की है. विदेशों में कुल 45 बार में 3500 किलो स्यूडोफेड्रिन बेच चुका है. अब श्रीलंका में ड्रग्स बेचने की तैयारी कर रहा था. लेकिन उससे पहले एनसीबी और दिल्ली पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा है. उससे पूछताछ में कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है. पिछले महीने इस ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े तीन आरोपी पकड़े गए थे. इनसे पूछताछ में जफर सादिक के बारे में पता चला था. वो 15 फरवरी से फरार था. इस दौरान त्रिवेन्द्रम, मुम्बई, पुणे, हैदराबाद और जयपुर होते हुए लगातार भाग रहा था. लेकिन मदुरै और चेन्नई से 180 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन जब्त करने के एक हफ्ते बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके पास से 50 किलोग्राम सुडोअफेड्रिल बरामद की गई है. स्यूडोएफेड्रिन को ड्राई फ्रूट की आड़ में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया भेजा था. अभी तक जफर ने 45 पार्सल भेजे हैं. इस ड्रग को सप्लाई करने के लिए वो प्रतिकिलो एक लाख रुपए लेता था. इस तरह उसने 4 हजार करोड़ रुपए की सप्लाई कर चुका है. अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन भी इस ड्रग्स जांच में भारतीय एजेंसी का सहयोग कर रही है.
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