इस राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बदले नियम, देना होगा रियल लाइफ टेस्ट!
Driving Test in Kerla
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:32 AM
Driving Test in Kerla: अगर आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की तैयारी कर रहे है, तो यह खबर आपके काम की है। दऱअसल वाहन विभाग (MVD) ने ड्राइविंग टेस्ट के नियमों कई तरह के बदलाव किए है। नए नियम के अनुसार आवेदकों को अब रियल लाइफ ड्राइविंग टेस्ट देना पडेगा। यानी अगर आपको अब ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए तो बिजी ट्रैफिक के बीच वाहन चलाकर अपनी ड्राइविंग स्किल दर्शना पड़ेगा।
Driving Test in Kerla
आपको बता दें ड्राइविंग लाइसेंस का यह नियम अभी सिर्फ केरल में रहने वालों के लिए लागू किया गया है। केरल में ड्राइविंग लाइसेंस दिन ब दिन मुश्किल होता जा रहा है। जो लोग केरल के रहने वाले है उन्हें लाइव ड्राइविंग टेस्ट देकर ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेंगा। इसके अलावा टेस्ट नियमों में कुछ और भी बदलाव किए गए हैं।
क्या हैं नए ड्राइविंग टेस्ट नियम?
आपको बता दें कि हाल ही में केरल राज्य के मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा आदेश जारी किया गया था। जिसके अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) आवेदकों को अब वास्तविक तौर पर बिजी सड़क पर ड्राइविंग टेस्ट देना जरूरी है। इसके अलावा विभाग ने एंगुलर पार्किंग, पैरेलल पार्किंग, ज़िग-जैग ड्राइविंग जैसे कई टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है।
Driving Test in Kerla
इसी के साथ इस सर्कुलर में 'H' टेस्ट करने से पहले आवेदकों को ग्रेडिएंट टेस्ट भी देना पड़ेगा। बता दें कि, यह नियम नए ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों या फिर रेन्यू करवाने वालों के लिए भी लागू किया गया है। वहीं 15 साल से ज्यादा पुरानी कार का इस्तेमाल किसी भी ड्राइविंग टेस्ट के लिए नहीं किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक और ऑटोमेटिक कार नहीं होंगे शामिल
मिली जानकारी के अनुसार ड्राइविंग टेस्ट के वक्त दोपहिया वाहन सेग्मेंट में केवल वो वाहन ही शामिल किए जाएंगे जिनकी इंजन क्षमता 95 सीसी या इससे उपर हुई। इसके अलावा चारपहिया ड्राइविंग टेस्ट इलेक्ट्रिक और ऑटोमेटिक कारों को शामिल नहीं किया गया। इस नए नियम के मुताबिक, टेस्टिंग वाहनों में डैशबोर्ड कैमरा और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (GPS) को इंस्टॉल करना जरूरी है।
इसी के साथ मौके पर मौजूद ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर को ड्राइविंग टेस्ट को रिकॉर्ड करना होगा, जिसके लिए उन्हें अपने पास एक मेमोरी कॉर्ड भी रखना जरूरी है। इस रिकॉर्डिंग को MVD सिस्टम में ट्रांसफर भी किया जाएगा। इतना ही नहीं, ड्राइविंग टेस्ट देने वाले आवेदक को भी अगले 3 महीनों तक रिकॉर्डिंग की एक कॉपी के तौर पर अपने पास मेमोरी कॉर्ड रखना पडेगा।