
Hindi Kavita - अटका बादल
मन कहीं नहीं भटका है, ऊपर एक बादल अटका है।
जो तुझ को छू कर आया है, मेरे मन के आँगन में बरसा है।
तेरे मन को छू कर आया है, मेरे तन के आँगन में चमका है।
चाँद कहीं नहीं भटका है, दिल के आसमाँ में लटका है।
- अनीता कपूर
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