मंडी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में कंगना ने अधिकारियों से दो टूक सवाल किए और फंड के इस्तेमाल में कथित देरी पर जमकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान कंगना रनौत ने अधिकारियों से सांसद निधि यानी MPLADS के तहत उपलब्ध धनराशि के खर्च का हिसाब मांगा।

National News : बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने तीखे तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका गुस्सा किसी राजनीतिक बयान या फिल्मी विवाद को लेकर नहीं, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों और सांसद निधि के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों पर फूटा है। मंडी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में कंगना ने अधिकारियों से दो टूक सवाल किए और फंड के इस्तेमाल में कथित देरी पर जमकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान कंगना रनौत ने अधिकारियों से सांसद निधि यानी MPLADS के तहत उपलब्ध धनराशि के खर्च का हिसाब मांगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद लगभग 50 लाख रुपये ही खर्च किए जाने की बात सामने आई। इस पर सांसद ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। National News
बैठक में अधिकारियों की ओर से दिए जा रहे जवाबों से कंगना रनौत संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि उन्हें हर DISHA समिति की बैठक में आश्वासन सुनने को मिलते हैं, लेकिन जमीन पर उसका असर दिखाई नहीं देता। कंगना ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें 'फालतू के जुमले' नहीं सुनाए जाएं और वास्तविक स्थिति बताई जाए। उनका सवाल साफ था कि यदि सांसद निधि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध है तो उसका इस्तेमाल समय पर क्यों नहीं हो रहा है?सांसद ने अधिकारियों से खर्च की वास्तविक स्थिति और प्रदर्शन रिपोर्ट भी मांगी। National News
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कंगना की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह सांसद निधि के उपयोग की धीमी रफ्तार बताई जा रही है। बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार लगभग 11 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद करीब 50 लाख रुपये खर्च हुए हैं। कंगना का कहना था कि इससे पहले बैठकों में उन्हें बताया गया था कि सांसद निधि का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका है और किसी तरह की समस्या नहीं है। लेकिन जब वास्तविक आंकड़ों की समीक्षा हुई तो तस्वीर अलग नजर आई। यही अंतर सांसद के गुस्से की बड़ी वजह बना। National News
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बैठक में कंगना रनौत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखा तंज भी किया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अधिकारी उनसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं। कंगना का इशारा उन अधिकारियों की ओर था जो बैठकों में विकास योजनाओं और फंड के इस्तेमाल को लेकर आश्वासन देते हैं, लेकिन उनके मुताबिक धरातल पर काम उसी गति से आगे नहीं बढ़ रहा। उन्होंने अधिकारियों को केवल कागजी जवाब देने के बजाय विकास योजनाओं को वास्तविक रूप से लागू करने पर ध्यान देने की बात कही। National News
बैठक में सांसद निधि से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों का मुद्दा भी उठा। कंगना ने एजेंसियों के हवाले से फंड के एक हिस्से के कथित गलत इस्तेमाल की बात कही और अधिकारियों से इस मामले में गंभीरता से काम करने को कहा। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष या किसी अधिकारी के खिलाफ दोष सिद्ध होने की बात सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि को महत्वपूर्ण माना जाएगा। National News
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कंगना ने बैठक के दौरान अपने सांसद के तौर पर किए जा रहे काम को लेकर राष्ट्रीय मीडिया में होने वाली आलोचना का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि यदि संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध धनराशि खर्च ही नहीं होगी तो इसका राजनीतिक और सार्वजनिक प्रभाव सांसद पर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए केवल बैठकें और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। National News
कंगना रनौत जब से सक्रिय राजनीति में आई हैं, तब से उनका बेबाक और आक्रामक अंदाज लगातार चर्चा का विषय रहा है। संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक वह कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। हाल के दिनों में भी वह संसद के कामकाज और विपक्ष की भूमिका को लेकर मुखर रही हैं। अगस्त में संसद में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर भी कंगना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं और सदन का माहौल खराब किया जा रहा है। अब मंडी की DISHA समिति की बैठक में अधिकारियों को फटकार लगाने का उनका वीडियो और बयान चर्चा में है। National News
मंडी की बैठक से सामने आई तस्वीर को केवल कंगना रनौत के गुस्से के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। असली सवाल यह है कि सांसद निधि से संबंधित प्रस्तावित विकास कार्यों को समय पर मंजूरी और क्रियान्वयन क्यों नहीं मिल रहा। यदि सांसद निधि उपलब्ध है और विकास कार्य लंबित हैं तो प्रशासनिक स्तर पर अड़चन कहां है यह सवाल अब चर्चा के केंद्र में है। वहीं दूसरी तरफ, सांसद द्वारा लगाए गए कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की भी आधिकारिक जांच और तथ्यात्मक स्थिति सामने आना जरूरी है। फिलहाल कंगना का एक संदेश साफ दिखाई देता है विकास योजनाओं को लेकर सिर्फ कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। यही वजह है कि मंडी की इस बैठक में सांसद का अधिकारियों पर भड़का तेवर अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। National News
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