KISAN ANDOLAN : 20 मार्च से एक बार फिर दिल्ली को घेरेंगे किसान
KISAN ANDOLAN
भारत
RP Raghuvanshi
11 Feb 2023 12:49 AM
भारत
RP Raghuvanshi
11 Feb 2023 12:49 AM
KISAN ANDOLAN: मुजफ्फरनगर। पिछले 14 दिनों से मुजफ्फरनगर शहर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में चल रहा भारतीय किसान यूनियन का धरना जिला प्रशासन के आश्वासन पर समाप्त हो गया है। लगे हाथ राकेश टिकैत ने घोषणा कर दी है कि किसान 20 मार्च को एक बार फिर दिल्ली को घेरेंगे। इस बार घेराव दिल्ली बार्डर पर नहीं, जंतर—मंतर पर किया जाएगा।
KISAN ANDOLAN
टिकैत ने कहा सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा किसानों के ट्यूबेल पर बिजली का मीटर नहीं लगने देंगे। क्योंकि मीटर लगाकर फिर किसानों का शोषण और उनसे लूट खसोट शुरू हो जाएगी। धरना समाप्ति पर टिकैत जमकर केन्द्र व प्रदेश सरकार पर बरसें। कहा सरकार नहीं मानीं तो फिर किसानों को बड़ा फैसला लेना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने चुनाव के दौरान किसानों को बिजली फ्री देने का वायदा किया था। मगर अब वे ही किसानों का शोषण करने पर तुले हुए हैं और सभी किसानों की ट्यूबेल पर मीटर लगाकर उनसे लूट खसोट शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि देश भर में किसानों द्वारा दिन रात मेहनत कर फसल को तैयार किया जाता है मगर प्रदेश सरकार द्वारा छोड़े गए आवारा पशुओं के कारण सभी किसानों की मेहनत जाया हो रही है क्योंकि आवारा पशुओं के द्वारा किसानों की फसल को बर्बाद किया जा रहा है।
श्री टिकैत ने कहा कि किसानों पर बेफिजूल के मुकदमें भी कायम किए हुए हैं। अगर मुकदमें वापस नहीं लिए गए तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब 20 मार्च को दिल्ली कूच किया जाएगा। मुजफ्फरनगर के किसानों की समस्याओं का हल हो गया है अब दिल्ली की बारी है।
सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली सरकार को चेतावनी देते हुए टिकैत ने कहा कि किसानों पर हो रहे शोषण को बंद कर दिया जाए क्योंकि अब किसान चुप नहीं रहेगा। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में चल रही महापंचायत के दौरान किसानों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि अब किसान आगे की तैयारी करें क्योंकि अब दिल्ली की बारी है। इसलिए भारतीय किसान यूनियन आगामी 20 मार्च को दिल्ली के लिए कूच करेगी। यह प्रोग्राम पूर्व की भांति संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने यह फैसला कर लिया है कि 20 मार्च को देश भर के किसान दिल्ली के जंतर—मंतर के लिए कूच करेंगे।
प्रशासनिक अफसरों ने की राकेश से बात:
मुजफ्फरनगर में चल रहे आंदोलन के बीच जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी संजीव सुमन, एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय एवं अपर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह बहादुर धरना स्थल पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से बातचीत की। इस दौरान एसपी सिटी ने कहा कि किसानों के रुके हुए गन्ना का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाकी बचा हुआ भुगतान भी जल्द करा दिया जाएगा।
इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के ट्रैक्टरों की अवधि 10 साल की गई है उसमें कुछ असमंजस है। यह अभी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा ऐसा कोई निर्णय लिया गया है, तो हम सरकार को पत्र भेजेंगे और किसानों के ट्रैक्टर पर की गई 10 साल की अवधि को पूर्ण रूप से समाप्त बंद कराए जाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से धरने को समाप्त करने की अपील की, जिसके बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरने को समाप्त करने की घोषणा कर दी। साथ ही जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो फिर यहां पर इससे भी बड़ा आंदोलन भारतीय किसान यूनियन के द्वारा किया जाएगा।
चेतना मंच से बात करते हुए प्रसिद्व किसान नेता राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि एमएसपी कानून की गारंटी की मांग को सरकार ने अभी तक लटका रखा है। पिछले आंदोलन के दौरान जो किसान शहीद हुए थे उन सब को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसी लगभग एक दर्जन मांगें सरकार के समक्ष लंबित पड़ी हुई हैं। उन सभी मांगों को पूरा कराने के मकसद से 20 मार्च को देश भर के किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसान शांतिपर्ण ढंग से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाकर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। रास्ते में जहां भी किसानों को रोका जाएगा वे वहीं पर धरना शुरू कर देंगे।
एक सवाल के जवाब में श्री टिकैत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास आंदोलन सबसे बड़ा हथियार होता है। किसान भी उसी हथियार का प्रयोग करके वर्षों से लंबित अपनी मांगों को पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। अब सरकार के साथ आरपार की लड़ाई होगी।