
Lok Sabha security case : देश की राजधानी दिल्ली में नई संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा परिसर में घुसकर लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपी सागर शर्मा और उसके परिजनों से की जा पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसिया सागर शर्मा के लखनऊ स्थित घर पहुंच चुकी हैं और उसके परिजनों से पूछताछ करने के साथ अन्य जांच पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां सागर शर्मा के मित्रों और उसके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि सागर शर्मा को पैसों की सख्त जरुरत थी और वह लोन लेना चाहता था। सागर ने अपने पिता से कहा था कि फिलहाल उसे रुपयों की सख्त जरूरत है। बाद में रुपयों का इंतजाम हो जाएगा, जिसको वह लोन चुका देगा। जांच एजेंसी एटीएस और इंटेलिजेंस टीम आरोपी सागर शर्मा के घर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। जांच एजेंसियों ने सागर शर्मा को बैटरी रिक्शा देने वाले नन्हके और उसके बेटे हिमांशु से भी पूछताछ की है। इस दौरान पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सागर ने बैंकों से संपर्क किया था। उसने फंड जुटाने के लिए कोशिश की थी। बैंक से संपर्क कर लोन कराने को लेकर उसने कहा था कि वह ई रिक्शा पर लेना चाहता है।
पूछताछ में नन्हके ने जांच एजेंसी को बताया कि ई-रिक्शा के किराये के रूप में 500 रुपये प्रतिदिन सागर मुझे देता था। वह सुबह नौ बजे ई-रिक्शा ले जाता था और रात को वापस कर देता था। एक बैंक से फोन भी आया था।
हिमांशु ने टीम को बताया कि लोन को लेकर जानकारी होने पर सागर को पापा ने डांटा था। इस पर उसने कहा था कि उसे रुपयों की सख्त जरूरत है, इसलिए वह लोन लेना चाहता है। उसने कहा था कि वह लोन का सारा रुपया जल्द ही चुका देगा। समय बदलने वाला है। हिमांशु के मुताबिक, पापा के तैयार न होने पर सागर चला गया था।