
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मंगलवार की रात हुए हादसे पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर को हिरासत में लिया गया है। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मंगलवार शाम ढही एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में दबी एक बुजुर्ग महिला और उनकी बहू की बुधवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आनंद ओझा ने बताया कि हादसे के बाद आज सुबह मलबे से निकाली गई बेगम हैदर (72) और उनकी बहू बताई जा रही उजमा (46) की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
आपको बता दें कि 15 घंटे बाद सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्बास हैदर की मां बेगम हैदर को मलबे से बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर बेगम हैदर ने दम तोड़ दिया। सपा प्रवक्ता की पत्नी अभी मलबे में दबी हुई है। बताया जाता है कि सपा प्रवक्ता का परिवार इमरात के सबसे ऊपर बने हाउस में रहता था।
आपको बता दें कि मंगलवार की शाम यह इमरात भरभराकर गिर गई थी। जिसके बाद आनन फानन में पुलिस, प्रशसान की टीमें पहुंचीं। बचाव दल की टीम रेस्क्यू में जुटी है। सेना की एक टीम भी रेस्क्यू में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं। इससे पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री, सीएम योगी के सूचना सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद घटना स्थल पर पहुंचे।
जब इमारत गिरी तो सपा नेता अब्बास हैदर के पिता और कांग्रेस नेता अमीर हैदर और उनकी पत्नी भी बिल्डिंग में मौजूद थे। अभी काग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नेता जीशान हैदर की मां और बहू के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस मामले में पुलिस ने शाहिद मंसूर के बेटे नवाजिश मंसूर को मेरठ से हिरासत में लिया है, उन्हें लखनऊ लाया जा रहा है।
डीजीपी यूपी डीएस चौहान ने बताया कि बिल्डिंग काटकर लोगों को निकाला जा रहा है, इसलिए रेस्क्यू में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ लोग और अंदर फंसे हैं। उनसे संपर्क किया जा रहा है। बिल्डिंग को ड्रिल करके ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सपा सरकार के मंत्री रहे शाहिद मंसूर के बेटे नवाजिश की बिल्डिंग है।