
Lucknow News : यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में शनिवार को नो पार्किंग जोन में खड़ी कार हटाने को लेकर एक जज के बेटे ने खूब हंगामा किया। उसने कर्मचारियों को अपशब्द कहे और धमकाया कि थाने में चलकर थप्पड़ खिलवाता हूं। काफी देर वह कर्मचारियों व ट्रैफिक पुलिसकर्मी से उलझता रहा। हालांकि, अंत में 1100 रुपये शमन शुल्क अदा करने पर ही कार छूटी। बता दें कि इस अभियान के तहत 65 गाड़ियां उठायी गई। वहीं 456 वाहनों का ई-चालान हुआ है।
हजरतगंज में एक कार नो पार्किंग जोन में खड़ी दिखने पर ट्रैफिक पुलिस ने लाउडस्पीकर से बोलना शुरू किया कि यह गाड़ी उठायी जा रही है। करीब दो मिनट तक लगातार बोलने के बाद भी जब कोई नहीं आया तो पुलिस ने क्रेन से कार उठवा दी। कुछ देर बाद जज का बेटा वहां पहुंचकर हंगामा करने लगा। उसने सरेआम काफी अपशब्द कहे। इस बीच पुलिस अधिकारी के पास युवक के पिता ने खुद को जिला जज बताकर गाड़ी छोड़ने को कहा। बाद में पुलिस को पता चला कि उनकी गाड़ी पर जिला जज लिखा है लेकिन वह फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज हैं।
नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने दो युवक पुलिस से उलझ गये थे। पुलिस से उलझने पर इन दोनों युवकों को पुलिस थाने पकड़ ले गई थी। ये लोग जुर्माना भी नहीं भर रहे थे। अंत समय तक जुर्माना नहीं दिया और पुलिस से हाथापाई करने लगे थे। इस पर पुलिस ने उनके खिलाफ शांति भंग करने की कार्रवाई कर दी थी। इसके बाद युवकों ने जुर्माना भी भरा था।