
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहे स्व. जगबीर सिंह की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। 2003 में हुए इस हत्याकांड के 20 वर्ष बाद अब अदालत ने 7 फरवरी से नियमित सुनवाई के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत भी नामजद हैं। श्री टिकैत जाट समाज की बालियान खाप के मुखिया भी हैं।
आपको बता दें कि 6 सितंबर 2003 को मुजफ्फरनगर के अलावलपुर माजरा गांव में किसान नेता चौधरी जगबीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माजरा गांव के प्रवीण व बिट्टू नामक युवकों के साथ ही स्व. चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र नरेश टिकैत को भी नामजद किया गया था। पुलिस व सीबीसीआईडी की जांच में चौधरी नरेश टिकेत को निर्दोष करार दे दिया गया था। बाद में अदालत ने नरेश टिकैत को दोषमुक्त मानने से इनकार करते हुए केस की सुनवाई शुरू कर दी थी।
सब जानते हैं कि इन दिनों चौधरी नरेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्हीं की अगुवाई वाले संगठन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत देश के प्रमुख किसान नेता है। चौधरी जगबीर सिंह की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार यानि 2 फरवरी 2023 को मुजफ्फरनगर स्थित कचहरी में अपर जिला जज अशोक कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। इस सुनवाई में उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा अदालत में पेश हुए।
बता दें कि स्व. जगबीर सिंह की हत्या वाले दिन ही नवनीत सिकेरा ने मुजफ्फरनगर में एसपी का पदभार संभाला था। उनके एसपी बनने वाली रात को ही यह हत्या हुई थी। इस प्रकरण में उनकी गवाही को बेहद अहम माना जा रहा है। अपर जिला जज अशोक कुमार ने 7 फरवरी 2023 से इस मामले की नियमित सुनवाई करने का फैसला करके इस प्रकरण को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। श्री टिकैत पर लगे हत्या के आरोप को लेकर अब नए सिरे से देशभर में तरह- तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। जहां श्री टिकैत के समर्थक इस मामले में राजनीतिक कारणों नामजदगी होने की बात कह रहे हैं, वहीं उनके विरोधी इस प्रकरण को खूब बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।