
Noida News: Mirror roaming in the city[/caption]
सैक्टर का रख रखाव
सेक्टर-17 में 8 एकड़ भूमि में अलग-अलग आकार के 82 आलीशान बंगले बने हुए हैं और इनके सेंटर में है खूबसूरत सेंट्रल पार्क। सैक्टर-17 नोएडा का सबसे छोटा लेकिन पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित सैक्टर है। जहां कुत्ते भी गार्डस से आँख बचाकर अंदर दाखिल नहीं हो सकते। यहाँ चोरी, उठाईगिरी इत्यादि की तो समस्या ही नहीं है। पार्किंग की यहाँ के रहने वालों को कोई दिक्कत ही नहीं है। यहाँ की आरडब्लूए ने रेजिडेंटस के सहयोग से इसे एक अत्यंत सुरक्षित सेक्टरों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया है। इस सेक्टर में रहने वाले स्वर्गीय जी बी पंत जो की फ्लोरीकल्चर सोसायटी ऑफ नोएडा के प्रेसिडेंट थे। उन्होंने आरडब्ल्यूए के सहयोग से सेंट्रल पार्क को डेवलप किया था। इस पार्क में आम, कटहल, सहजन, कदम्ब, गंधराज का पेड़ लगा है जो कि 12 महीनों फूल देता है और खुशबू से महकता है। सेंट्रल पार्क ही वह जगह है जहां पूरे सेक्टर के बच्चे खेलते हैं। सीनियर सिटीजन बैठकर गपशप करते हैं। भजन- कीर्तन और पूरे साल के मुख्य त्यौहार सब सेक्टरवासी मिल-जुलकर मनाते हैं। सेंट्रल पार्क की देख-रेख के लिए आरडब्ल्यूए ने अलग से दो माली भी रखे हुए हैं।
[caption id="attachment_93587" align="aligncenter" width="1575"]
Noida News: Mirror roaming in the city[/caption]
सेक्टर-17 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुभाष सिंघल के अनुसार सेक्टर की बाउंड्री वॉल सांसद निधि से बनवाई गई थी। सेक्टर में राज्यसभा के मेंबर बलबीर पुंज, रिटायर्ड आईएएस मोहन सेठ तथा नोएडा के बड़े-बड़े व्यापारी और प्रोफेशनल्स रह्ते हैं।
मुकुल बाजपेयी (सीनियर जर्नलिस्ट) का कहना है कि इस सैक्टर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 82 परिवार आपस में एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। सब बच्चे जानते हैं कौन किस घर में रहता है। किसके बंगले का कौन सा नंबर है। सभी नागरिक इसका श्रेय सीनियर सिटीजऩ रूपराम को देते हैं जिन्होंने अपने प्रयासों से सेक्टरवासियों को जोडक़र रखा है। यहां बिजली का कोई पावर कट नहीं होता, पानी का टीडीएस यहां 250 से उपर नहीं आता है।
आदर्श सेक्टर फिर भी समस्याएं
[caption id="attachment_93586" align="alignleft" width="202"]
Sector 17 RWA President Subhash Singhal[/caption]
अध्यक्ष सुभाष सिंघल के अनुसार इस सेक्टर की एक ही एंट्री है जिस पर 24 घंटे कड़ी पहरेदारी रहती है। लेकिन इस गेट के लगभग सामने ही डीएलएफ की ओर से आती सडक़ पर एक स्पीड ब्रेकर है। बार बार होने वाली सडक़ की रिसरफेसिंग से स्पीड ब्रेकर की हाईट कम हो गई है। जिस वजह से तेज रफ्तार से आ रहे वाहन ब्रेक नहीं मारते। डीएलएफ रोड पर सारा दिन हैवी ट्रैफिक रहता है। जिसकी वजह से सेक्टर में आने जाने वाली गाडियाँ सुबह शाम इंतजार में ही खड़ी ही रह जाती हैं।
मुकुल बाजपेयी का कहना है कि हमारे गेट के बिलकुल सामने सेंट्रल वर्ज है। यह हमारे पूरे सैक्टर के लिए ही एक समस्या है। हम गाड़ी लेकर सीधे तो जा ही नहीं सकते। पहले घूमते हैं फिर वहाँ से गुजरने वाले ट्रैफिक का इंतजार कर अपने गंतव्य की ओर जा पाते हैं। तीसरी समस्या है सैक्टर में कोई भी सामुदायिक केंद्र नहीं है। यद्यपि उसके लिए स्थान भी नहीं है। पर फिर भी यदि प्राधिकरण चाहे तो यहाँ के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की छत पर बनवा सकता है। सैक्टर की बिजली की वायरिंग अन्य सेक्टरों के समान है। आरडब्लूए की मांग है इसे अंडरग्राउंड करवा दिया जाये । थोड़ी आँधी बारिश आते ही तारें उलझकर टूट जाती है। तब पूरे चार-पाँच घंटों के लिए सैक्टर की लाइट चली जाती है।
[caption id="attachment_93583" align="alignleft" width="331"]
General Secretary Shikha Kumar Sector- 17 RWA[/caption]
महासचिव शिखा कुमार का मानना है की सैक्टर-17 के पीछे से बहता नाला हमारे सैक्टर के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है। इस नाले से उठने वाली गैसों के कारण घरों के बिजली के उपकरण दो सालों में ही खराब हो जाते हैं। और हवा यदि पीछे की ओर से बह रही हो तो सैक्टर में गंध फैल जाती है।
आरडब्लए के पदाधिकारियों का परिचय
अध्यक्ष सुभाष सिंघल, महासचिव शिखा कुमार, सह सचिव राजन गर्ग व कोषाध्यक्ष मलिका धूपर।