Political : राजस्थान को 2030 तक देश में अव्वल बनाना मेरा सपना : गहलोत
My dream is to make Rajasthan number one in the country by 2030: Gehlot
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:25 PM
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान को 2030 तक देश में अव्वल राज्य बनाना उनका सपना है। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएं बनाई हैं जो किसी और राज्य में नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस के नेता सचिन पायलट अपनी ही पार्टी की अगुवाई वाली राजस्थान सरकार के खिलाफ एक दिवसीय अनशन पर बैठे हैं।
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सचिन ने पार्टी की चेतावनी को दरकिनार किया
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस पार्टी द्वारा दी गई चेतावनी को दरकिनार करते हुए मंगलवार को पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर यहां शहीद स्मारक पर एक दिवसीय अनशन पर बैठे।
दूसरी ओर, गहलोत ने मंगलवार को राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘महंगाई राहत शिविरों’ की जानकारी देते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। राज्यभर में ये शिविर 24 अप्रैल से शुरू होंगे, जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण करवाया जा सकेगा। गहलोत ने सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो संदेश में कहा कि मैंने तय किया है कि साल 2030 तक मुझे राजस्थान को देश का नंबर एक राज्य बनाना है। इस सपने को साकार करने के लिए पिछले चार बजट और इस साल के ‘बचत राहत बढ़त’ वाले बजट में मैंने ऐसी योजनाएं बनाई हैं, जो किसी दूसरे राज्य में नहीं हैं।
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गहलोत ने बताईं जनोपयोगी योजनाएं
राज्य सरकार की ‘चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा’ योजना सहित अन्य योजनाओं की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने कहा कि किसी और राज्य में जनता को 25 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा नहीं मिल रहा है। किसी भी राज्य में 500 रुपये में गैस सिलेंडर नहीं भरवाया जा रहा है, न ही ऐसी किसी योजना पर विचार किया जा रहा है। सिर्फ राजस्थान में 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जा रहा है, वह भी बिना किसी प्रीमियम के। उन्होंने कहा कि इस तरह से और भी बहुत सारे ऐतिहासिक फैसले किए गए हैं, जिनसे राजस्थान के लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी, उनके पैसे की बचत होगी और आज की इस बचत से हमारी आने वाली पीढ़ी को बढ़त मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मिशन 2030’ को सफल करने के लिए अभी बहुत कुछ करना है। इस दिशा में पहला कदम ‘बचत राहत बढ़त’ वाला बजट था। गहलोत के अनुसार कई कारणों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक समय पर नहीं पहुंच पाती या वे इसका लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालने के लिए उन्होंने एक नयी पहल (महंगाई राहत शिविर) की है। 'बचत राहत बढ़त’ वाले बजट की 10 नयी योजनाओं के लाभ उन लोगों को मिलेंगे, जो इसके असली हकदार हैं और अपने हक के लाभ की मांग करेंगे। 24 अप्रैल से पूरे राजस्थान में हजारों महंगाई राहत शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे महंगाई राहत शिविर में आकर सरकार की दस महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण जरूर करवाएं।
‘प्रशासन गांवों/शहरों के संग’ अभियान 24 से
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसके तहत 24 अप्रैल से 30 जून तक ‘प्रशासन गांवों/शहरों के संग’ अभियान के साथ-साथ महंगाई राहत शिविर आयोजित होंगे। इनमें आमजन और वंचित वर्ग को जनोपयोगी घोषणाओं के बारे में जानकारी देकर पात्रता अनुसार योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इन शिविरों में मुख्यमंत्री गैस सिलेंडर योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना, महात्मा गांधी नरेगा, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही आमजन को मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिलेगा। शिविरों में जनाधार कार्ड में सम्मिलित कोई भी वयस्क सदस्य पात्रता अनुसार पंजीकरण भी करा सकता है।
साल 2020 से जारी है गहलोत सचिन के बीच खींचतान
उल्लेखनीय है कि गहलोत व पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से खींचतान जारी है। साल 2020 में पायलट ने कुछ और विधायकों के साथ गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। इसके बाद राज्य में लगभग एक महीने तक राजनीतिक संकट रहा, जो पार्टी आलाकमान से पायलट द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गौर करने का आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हो गया था।
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