
जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि मतदान के प्रति लोगों को जागरूक कर चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग काम करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं में आमजन के विश्वास को मजबूत करने में निर्वाचन आयोग की प्रभावी भूमिका है। राज्यपाल मिश्र सोमवार को माउंट आबू में 'सुदृढ़ लोकतंत्र में राज्य चुनाव आयोगों की भूमिका’ विषयक सम्मेलन में सम्बोधित कर रहे थे।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए नागरिकों की सहभागिता जरूरी
कलराज मिश्र ने कहा कि वही लोकतांत्रिक संस्थाएं सुदृढ़ होती हैं, जहां नागरिकों की अधिकाधिक सहभागिता होती है और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव ही इसका आधार है। चुनाव कराने की प्रक्रिया जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्व मतदान में अधिकाधिक भागीदारी का भी है। राज्य निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और संविधान ही चुनाव आयोग की शक्तियों की रक्षा करता है।
उन्होंने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों और शक्तियों का समुचित उपयोग करते हुए पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों की चुनाव प्रक्रिया का प्रभावी संचालन कर निर्वाचन आयोग लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। मिश्र ने चुनावी व्यय में कमी लाने के उपायों पर सम्मेलन में चर्चा किए जाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने आशा उम्मीद जताई कि विभिन्न राज्यों में गठित राज्य निर्वाचन आयोग अपने यहां अपनाए गए नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे, ताकि पंचायत स्तर तक लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए प्रभावी कार्य हो सकें।
राज्य निर्वाचन आयोग को और शक्तियों और स्वायत्तता की जरूरत
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने कहा कि संवैधानिक संस्था के रूप राज्य निर्वाचन आयोगों को भी वही शक्तियां, स्वतंत्रता और स्वायत्तता प्रदान किए जाने की जरूरत है, जो वर्ष 1994 के बाद भारत निर्वाचन आयोग को दी गई है। अपने संबोधन में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीक के प्रभाव, स्थानीय निकाय चुनावों और पंचायत चुनावों में वित्तपोषण, चुनाव प्रक्रिया का खर्च घटाने और ईवीएम सहित अन्य संसाधनों के बेहतर उपयोग सहित विभिन्न पहलुओं की चर्चा की।
सम्मेलन में की गई विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
आंध्र प्रदेश की राज्य निर्वाचन आयुक्त नीलम साहनी ने कहा कि राज्य चुनाव आयोगों के बेहतर प्रबंधन पर विचार-विमर्श की दृष्टि से यह सम्मेलन महत्वपूर्ण साबित होगा। सम्मेलन में राज्य निर्वाचन आयोग के पूर्ण स्वतंत्र और समेकित बजट, आईटी के प्रभावी उपयोग, मतदाता जागरूकता के लिए नवाचार आदि मुद्दों पर प्रभावी रूप से चर्चा की गई। सम्मेलन में महाराष्ट्र के राज्य निर्वाचन आयुक्त रविन्दर पाल सिंह मदान सहित विभिन्न राज्यों के चुनाव आयुक्त, सचिव एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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