Rajya Sabha : बिना चर्चा के पास हो गया जम्मू कश्मीर का बजट और वित्त विधेयक
Budget and Finance Bill of Jammu and Kashmir passed without discussion
भारत
चेतना मंच
05 Apr 2023 09:50 PM
नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने अडाणी समूह से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को भी हंगामा किया। जिसके कारण उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजकर 18 मिनट पर पूरे दिन के स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। इस बीच, सदन में बिना चर्चा के ही जम्मू कश्मीर का बजट, वित्त विधेयक 2023 और प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
Rajya Sabha
जेपीसी के लिए विपक्षी सदस्यों ने की नारेबाजी
सुबह बैठक शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाना शुरू किया। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने अडाणी समूह से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। सभापति ने बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं। इसी बीच, विपक्ष के कुछ सदस्य आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे।
आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने अडाणी मुद्दे पर जेपीसी गठित करने की मांग की। सभापति ने उन्हें अपनी सीट पर लौटने को कहा, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी दी। हंगामा थमता नहीं देख सभापति ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब चार मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे बैठक फिर शुरू होने पर सदन में फिर वही नजारा देखने को मिला। सभापति धनखड़ ने सदस्यों को सदन में शांति बनाये रखने को कहा ताकि वह नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा 13 मार्च को उठाये गये व्यवस्था के एक प्रश्न पर अपनी व्यवस्था दे सकें। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है, जिस पर व्यवस्था सुनाने के लिए सदन में सामान्य स्थिति बहाल होनी चाहिए।
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खरगे ने की जेपीसी गठित करने की मांग
हंगामे के बीच ही सभापति ने नेता प्रतिपक्ष खरगे को अपनी बात रखने का अवसर दिया। खरगे ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत अपनी बात रखने का प्रयास किया, किंतु सरकार उन पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। उन्होंने मांग की कि अडाणी समूह से जुड़े मामले में संयुक्त जांच समिति (जेपीसी) गठित की जाए।
सदन का अपमान कर रहे हैं कांग्रेस नेता
सदन के नेता पीयूष गोयल ने उनकी बात का प्रतिकार करते हुए दावा किया कि खरगे ऐसी बात कर रहे हैं, जिसका सदन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के एक नेता ने देश, सदन और आसन का अपमान किया है। गोयल ने राहुल गांधी का नाम लिये बिना कहा कि देश, लोकतंत्र और न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
इसके बाद सभापति धनखड़ ने हंगामे के बीच ही अपनी व्यवस्था दी, जिसमें उन्होंने खरगे द्वारा उठाये गये व्यवस्था के प्रश्न को खारिज कर दिया। व्यवस्था के प्रश्न के तहत खरगे ने आसन से राज्यसभा की कार्यवाही में से सदन के नेता गोयल के वक्तव्य के उन अंशों को हटाने की मांग की थी, जिसमें राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनसे माफी मांगने को कहा गया था। खरगे ने कहा था कि गांधी चूंकि अन्य सदन के नेता हैं, इसलिए उनका परोक्ष रूप से भी उल्लेख नहीं हो सकता है।
सभापति की व्यवस्था पर तेज हुआ हंगामा
धनखड़ ने अपनी व्यवस्था में कहा कि सदन के नेता पीयूष गोयल ने अपने वक्तव्य में किसी का भी नाम नहीं लिया था। अत: खरगे की आपत्ति निराधार है। सभापति द्वारा व्यवस्था सुनाये जाने के बाद सदन में हंगामा फिर तेज हो गया। हंगामा थमते नहीं देख उन्होंने बैठक को दोपहर दो बजकर 18 मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया। उच्च सदन में बजट सत्र के दूसरे चरण में अडाणी समूह से जुड़े मामले में जेपीसी गठित करने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही लगातार बाधित रही है। सदन में इस दौरान जम्मू कश्मीर के बजट, वित्त विधेयक 2023 और प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित किया गया।
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