सीएम फडणवीस 100 रोजगार का लक्ष्य, जानें महाराष्ट्र बजट में युवाओं के लिए क्या है खास

मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य को 100% बुनियादी साक्षरता वाला बनाने का लक्ष्य है। साथ ही, कॉलेज से 80% से अधिक अंकों से पास होने वाले युवाओं को हर हाल में रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

Maharashtra Education City
महाराष्ट्र में खुलेंगे अत्याधुनिक केंद्र (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar07 Mar 2026 02:50 PM
bookmark

Maharashtra Education City: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के बजट में युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े और महत्वाकांक्षी ऐलान किए हैं। सरकार ने राज्य को 100% साक्षर बनाने के लक्ष्य के साथ ही कॉलेज पास आउट युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। बजट में शिक्षा के लिए 8,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य में विकसित और आधुनिक शिक्षा का माहौल तैयार करना है।

100% साक्षरता और रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य को 100% बुनियादी साक्षरता वाला बनाने का लक्ष्य है। साथ ही, कॉलेज से 80% से अधिक अंकों से पास होने वाले युवाओं को हर हाल में रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसे प्राप्त करने के लिए राज्य में 8 से 10 ‘एजुकेशन सिटी’ (शिक्षा शहर) विकसित किए जाएंगे। इन शहरों में युवाओं को इंडस्ट्री-सेंट्रिक (उद्योगपरक) शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए टैलेंट सेंटर भी होंगे।

नवी मुंबई में बनेगा देश का पहला इंटरनेशनल एजुसिटी

इसके तहत सबसे बड़ी पहल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास शुरू की जा रही है। यहां भारत का पहला इंटरनेशनल स्टैंडर्ड एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और इटली की 6 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इन विश्वविद्यालयों में इस साल से ही एजुकेशनल प्रोग्राम शुरू हो जाएंगे, जिससे देश-विदेश के छात्र यहां शिक्षा ग्रहण करने आएंगे।

युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के लिए ‘दक्ष’ प्रोजेक्ट

सरकार विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वर्ल्ड बैंक की मदद से ‘दक्ष’ प्रोजेक्ट लागू कर रही है। इसके लिए ‘महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट’ नाम की संस्था बनाई जाएगी। यह युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए जरूरी भाषा, स्किल ट्रेनिंग और वित्तीय मार्गदर्शन देगी। इसके अलावा, काउंसलिंग सर्विस को बेहतर बनाने के लिए 36 ‘नव-दिशा’ सेंटर खोले जाएंगे।

2036 ओलंपिक पर निशाना

बजट में खेलों को भी प्राथमिकता दी गई है। भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक की मेजबानी का दावा कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ‘मिशन लक्ष्य’ स्कीम के तहत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, रेसलिंग सहित 12 खेलों के लिए 8 अत्याधुनिक केंद्र शुरू कर रही है। इसके अलावा डिवीजनल लेवल पर 25 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और जिला स्तर पर 96 ‘स्पोर्ट्स क्वालिटी डेवलपमेंट सेंटर’ बनाए जाएंगे, ताकि राज्य से अधिक से अधिक एथलीट ओलंपिक में हिस्सा ले सकें।

स्टार्टअप के लिए बंपर ऑफर

मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र को देश की स्टार्टअप कैपिटल बताया। राज्य को ग्लोबल स्टार्टअप हब बनाने के लिए ‘नई स्टार्टअप और इनोवेशन पॉलिसी-2025’ लाई गई है। अगले 5 सालों में 1 लाख 25 हजार उद्यमी बनाने और 50 हजार स्टार्टअप को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

सबसे खास बात यह है कि सरकार ने चुनिंदा 50 स्टार्टअप को बिना टेंडर के सीधे 25-25 लाख रुपये तक के वर्क ऑर्डर देने का फैसला किया है। इसके लिए ‘मुख्यमंत्री एंटरप्रेन्योरशिप मेगा-फंड’ बनाया जा रहा है।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:

  • अमरावती: शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों को मिलाकर ‘डॉ. पंजाबराव देशमुख एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स’ बनाया जाएगा।
  • विज्ञान: ‘मुख्यमंत्री विज्ञान वारी’ पहल के तहत बेहतरीन छात्रों को इसरो और नासा भेजने का प्रावधान।
  • मुंबई: बांद्रा में मॉडर्न लेदर आर्ट डिजाइन और प्रोडक्शन सेंटर बनाने का प्रस्ताव।
  • आदिवासी युवाओं के लिए: ‘बिरसा’ (भारत इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप्स फॉर आत्मनिर्भरता) योजना की शुरुआत।

इस बजट को युवाओं के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है, जो शिक्षा, रोजगार और खेलों के क्षेत्र में महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। Maharashtra Education City

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

यूपीएससी में अनोखा विवाद : आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियों का 301वीं रैंक पर दावा

परिणाम के बाद 301वीं रैंक को लेकर एक अनोखा विवाद सामने आया है। वजह यह है कि आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ खुद को इस रैंक की असली उम्मीदवार बता रही हैं। इस मामले ने सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा पैदा कर दी है।

akankcha topper
आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Mar 2026 02:13 PM
bookmark

UPSC Toppers : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के बाद 301वीं रैंक को लेकर एक अनोखा विवाद सामने आया है। वजह यह है कि आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ खुद को इस रैंक की असली उम्मीदवार बता रही हैं। इस मामले ने सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा पैदा कर दी है। जब यूपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ तो 301वीं रैंक पर आकांक्षा सिंह नाम दिखाई दिया। इसके बाद दो अलग-अलग जगहों से इसी नाम की उम्मीदवार सामने आईं और दोनों ने दावा किया कि यह रैंक उन्हें मिली है।

पहला दावा, उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह

उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र से जुड़ी आकांक्षा सिंह ने कहा कि 301वीं रैंक उनकी है। अपने दावे को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई दस्तावेज सार्वजनिक किए, जिनमें यूपीएससी का एडमिट कार्ड और इंटरव्यू कॉल लेटर शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों में दिया गया रोल नंबर रिजल्ट में दिख रहे रोल नंबर से मेल खाने का दावा किया जा रहा है।

दूसरा दावा, बिहार की आकांक्षा सिंह

दूसरी ओर बिहार के आरा की रहने वाली एक अन्य आकांक्षा सिंह भी सामने आईं। उन्होंने भी मीडिया में बयान देते हुए कहा कि 301वीं रैंक उन्हें मिली है और उन्हें पहले से भरोसा था कि वे परीक्षा में सफल होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य आगे चलकर भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में जाना है।

आरोप-प्रत्यारोप

वाराणसी वाली आकांक्षा सिंह ने आरोप लगाया है कि दूसरी लड़की उनकी पहचान का इस्तेमाल कर रही है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि बिहार वाली आकांक्षा को रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे विवाद और चर्चा बढ़ गई। इस पूरे मामले में अभी तक यूपीएससी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह साफ नहीं हो पाया है कि 301वीं रैंक की वास्तविक उम्मीदवार कौन है। जब तक आयोग इस मामले पर औपचारिक बयान नहीं देता, तब तक यह विवाद बना रहने की संभावना है।



संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के मामा ने यूपीएससी किया क्रैक

वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उनके मामा अभिषेक चौहान ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में आॅल इंडिया रैंक (एयर) 102 हासिल की है। यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई है।

abhishek topper
अभिषेक चौहान मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Mar 2026 01:30 PM
bookmark

UPSC Toppers : भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उनके मामा अभिषेक चौहान ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में आल इंडिया रैंक (एयर) 102 हासिल की है। यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई है। 

शिक्षा और पृष्ठभूमि

अभिषेक चौहान मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के एक गांव से संबंध रखते हैं। पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहे अभिषेक ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (इंडियन स्कूल्स आॅफ माइन्स) धनबाद से जियोलॉजी में इंटीग्रेटेड एम.टेक की पढ़ाई पूरी की। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया।

सिविल सेवा की तैयारी

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक निजी कंपनी में काम किया, लेकिन बाद में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया। इसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह से परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ-स्टडी, नियमित अभ्यास और सीमित लेकिन सही अध्ययन सामग्री के सहारे तैयारी की। कड़ी मेहनत और निरंतर अनुशासन के कारण वे पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहे।

रैंक और संभावित सेवा 

सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उन्हें एयर 102 प्राप्त हुई। इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी इण्डियन पुलिस सर्विस में होने की प्रबल संभावना मानी जा रही है। अभिषेक चौहान की सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले ही प्रयास में पास कर दिखाया।  UPSC Toppers

संबंधित खबरें