
Repo Rate : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के अंतिम दिन शुक्रवार को रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट यानी आधा प्रतिशत की कटौती की घोषणा की। यह लगातार तीसरी बार है जब इस वर्ष केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कमी की है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप रेपो रेट 6.00% से घटकर 5.50% पर आ गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी।
इस साल RBI ने फरवरी में पहली बार 0.25% की कटौती करते हुए रेपो रेट को 6.50% से घटाकर 6.25% किया था। उसके बाद अप्रैल में एक और 0.25% की कमी की गई, जिससे यह 6.00% पर आ गया। फरवरी 2025 तक रेपो रेट में किसी भी तरह की बड़ी गिरावट नहीं देखी गई थी। उस समय 5 साल के बाद पहली बार ब्याज दरों में कमी की गई थी, जबकि उससे पहले मई 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान 0.40% की कटौती की गई थी। जून 2023 में RBI ने रेपो रेट को 6.50% पर बढ़ाया था, जो अब फिर से कम हो गया है।
इस कटौती से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित कई कर्जों की ब्याज दरें घटेंगी। इसका सीधा असर ईएमआई पर पड़ेगा, जिससे मासिक किस्तें कम हो जाएंगी और उपभोक्ता अपनी बचत बढ़ा सकेंगे। कम ब्याज दरों के चलते खरीदारी और खर्च में इजाफा होगा, जो आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा। ऐसे में देश की मांग और खपत में वृद्धि से आर्थिक विकास को गति मिलेगी। Repo Rate