
UP News : यह कोई फ़िल्मी कहानी अथवा नाटक नहीं है। एक कड़वी सच्चाई है। एक पिता अपने बेटे को बेचना चाहता है वह भी मात्र सात आठ लाख रुपये में। बेटे को बेचने के लिए पिता बाक़ायदा सड़क पर बैठकर बोली लगा रहा है। इस घटना से सतयुग में हुई हरिश्चंद्र की कहानी ज़रूर याद आती है। जब राजा हरिश्चंद्र ने कर्ज़ा चुकाने के लिए अपनी पत्नी और बेटे को बेच दिया था दिया था। आज एक मजबूर पिता अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर अपने बेटे को बेचने की बोली लगा रहा है।
यह हृदय विदारक कहानी है, अलीगढ़ के रहने वाले राजकुमार की। दरअसल, अलीगढ़ के थाना महुआ खेड़ा थाना इलाके के निहार मीरा स्कूल निवासी राजकुमार अपने बच्चे को बेचने के लिए सड़क पर बैठकर बोली लगा रहा है। वह बार बार रोने लगता है और अपने बेटे केा बेचने के लिए खरीदार मिलने की गुहार भी राहगीरों से लगा रहा है। राजकुमार का कहना है कि उसने कुछ प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कुछ लोगों से उधार रुपये लिए थे। उसने उधार लिए रुपये चुकता कर दिए, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ हेराफेरी की।
राजकुमार का कहना है कि उसने जिस व्यक्ति से कर्जा लिया था, उसने उसकी संपत्ति के कागजों को बैंक में रखवाकर लोन ने लिया है। अब उसे ना संपत्ति मिली है और ना ही उसे पैसा। वह बैंक का कर्जदार और हो गया है। राजकुमार का कहना है कि अब वह लोग उससे रुपये वसूलने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित राजकुमार ने बताया कि दबंग कर्जदारों ने कुछ दिन पहले उसका रोजी रोटी का जरिया ई-रिक्शा भी उससे छीन लिया। वह ई रिक्शा चलाकर चलाकर किसी तरह से अपने परिवार का भरण पोषण करता था। अब वह इतना परेशान हो चुका है कि वह अपने बेटे को बेचने के लिए बस स्टैंड चौराहे पर अपनी पत्नी, बेटे और एक छोटी बेटी के साथ बैठा है।
राजकुमार ने बताया कि वह चाहता है कि अगर उसका बेटा 6 से 8 लाख रुपये में कोई खरीद ले तो वह कम से कम अपनी छोटी बेटी को तो पढ़ा सकेगा। उसकी शादी कर सकेगा। इसके साथ ही वह अपने बचे हुए परिवार का पालन-पोषण भी कर सकेगा। राजकुमार का ये भी कहना है कि जब वह पुलिस के पास गया तो वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। इसलिए उसे अब ये कदम उठाना पड़ रहा है।
डीएसपी विशाल चौधरी ने बताया, “महुआखेड़ा थाना इलाके के एक परिवार द्वारा अपने बेटे को बेचे जाने का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद मामले में जानकरी करने पर पता चला कि दो लोगों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद है। दोनों ही पक्ष के लोगों को थाने पर बुलाया गया, जहां दोनों के बीच समझौता करा दिया गया है।