अमित मालवीय पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले शांतनु सिन्हा ने मांगी माफी, कहा कांग्रेस की थी साजिश
Amit Malviya News Update
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 01:18 AM
Amit Malviya News Update : बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाले शांतनु सिन्हा ने अमित मालवीय से माफी मांग ली है। उनका कहना है कि उन्होंने अमित मालवीय को केवल हनी ट्रैप में न फंसने की चेतावनी दी थी, लेकिन कांग्रेस ने इन सारी बातों को गलत तरीके से पेश किया।
शांतनु सिन्हा ने मांगी माफी
Amit Malviya News Update
आपको बता देंगे इससे पहले अमित मालवीय ने शांतनु सिन्हा पर 10 करोड़ की मानहानि का दावा किया था और उन्हें तीन दिन में अपनी वह गलत पोस्ट हटाने की चेतावनी दी थी। आज यानी 11 जून को शांतनु सिन्हा ने माफी मांगते हुए लिखा है मुझे इस बात का दुख है कि देश की सबसे भ्रष्ट और घटिया राजनीतिक पार्टी कांग्रेस, अमित मालवीय और बीजेपी के खिलाफ नफरत का अभियान चला रही है । उन्होंने आगे लिखा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस पोस्ट का मकसद अमित मालवीय को बदनाम करना नहीं बल्कि सिर्फ यह चेतावनी देना था कि वह किसी हनी ट्रैप में न फंसे । इस हनी ट्रैप के बारे में पहले ही भाजपा के नेता और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथागत राय बता चुके थे । शांतनु सिन्हा ने आगे लिखा है कि अगर मेरी पोस्ट से अमित मालवीय को ठेस पहुंची है और पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है तो मैं इसके लिए दुुख प्रकट करता हूं।
क्या था मामला?
बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, आरएसएस (RSS) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी शांतनु सिन्हा ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए थे। शांतनु सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर कई संगीन आरोप लगाए थे। यहां देखें शांतनु सिन्हा का माफीनामा
[caption id="attachment_161038" align="aligncenter" width="532"] Credit-Social Media[/caption]
अमित मालवीय ने भेजा था मानहानि का नोटिस
अमित मालवीय ने भी शांतनु सिन्हा को 10 करोड रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा था। अमित मालवीय की कानूनी टीम ने 8 जून को ही शांतनु सिन्हा को इस मामले में कानूनी नोटिस भेज दिया था। अमित मालवीय के द्वारा भेजे गए नोटिस में लिखा है कि कथित दुराचार के झूठे आरोपों की प्रकृति बेहद आपत्तिजनक है जो मेरे मुवक्किल की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है।