असम में मंदिर में जाने से रोका,धरने पर बैठे राहुल गांधी

Rahul Gandhi In Assam : असम में काँग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा विवादों में घिर गई है । राहुल गांधी मंदिर में प्रवेश न दिये जाने को लेकर खुद धरने पर बैठ गए ।
दरअसल सोमवार को राहुल नगांव ज़िले के बटाद्रवा स्थित श्री श्री शंकर देव सत्र (मठ) मंदिर जाने वाले थे । लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें करीब 17 किलोमीटर पहले ही हैबोरगांव में रोक लिया।
असमिया समाज में प्रतिष्ठित वैष्णव संत श्रीमंत शंकर देव की जन्म स्थली बटाद्रवा सत्र मंदिर में जाने से रोकने से नाराज़ कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं के साथ हैबरगांव में ही धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी जिस जगह धरने पर बैठे है वहां उनके समर्थक "रघुपति राघव राजाराम,पतित पावन सीताराम" भजन गाने लगे । राहुल गांधी को तो मंदिर जाने नहीं दिया गया लेकिन बाद मे स्थानीय सांसद और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को मंदिर मे जाने की अनुमति दे दी गई ।
धरने पर बैठे राहुल गांधी
गौरव गोगोई ने एक तस्वीर साझा करते हुए बताया,"श्री श्री शंकर देव थान बिल्कुल खाली था. कोई भीड़ नहीं थी. झूठी अफवाह फैलाई गई कि कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है.
15वीं-16वीं शताब्दी के संत-विद्वान और सामाजिक-धार्मिक सुधारक श्रीमंत शंकरदेव असम के समावेशी संस्कृति के प्रतीक माने जाते है। इसीलिए राहुल गांधी इस मंदिर में जाना चाहते थे ।
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 22 जनवरी को बटाद्रवा में श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान का दौरा न करने की सलाह दी थी ।
मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था , "हम राहुल गांधी से अनुरोध करेंगे कि वह सोमवार को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के दौरान बटाद्रवा न जाएं क्योंकि इससे असम की गलत छवि बनेगी."
उन्होंने कहा, ''ये क्षेत्र संवेदनशील हैं और मैं किसी भी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से इनकार नहीं कर सकता और इसलिए 22 जनवरी को राहुल गांधी की यात्रा के दौरान अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के संवेदनशील मार्गों पर कमांडो तैनात किए गए है.''
14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई भारत जोड़ोों न्याय यात्रा जब से असम पहुंची है तभी से राहुल गांधी और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच बयानबाज़ी चल रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया था । इसके जवाब में सरमा ने भी गांधी परिवार को देश का सबसे भ्रष्ट परिवार बताया था।