घर में ही उगेंगे खूब आंवले! जानें पौधे लगाने और जल्द फल पाने के आसान तरीके

अगर आप भी बाजार से आंवला खरीदने की जगह घर पर इसे नेचुरली उगाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। छत या आंगन में गमले में आप भी आसानी से आंवले का पौधा उगा सकते हैं।

Amla plant
आंवले का पौधा तैयार करने के बेहतरीन तरीके (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 11:05 AM
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Amla plant : आंवला न केवल स्वाद में खट्टा-मीठा होता है, बल्कि यह औषधीय गुणों का भंडार है। विटामिन सी, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह फल इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बालों और स्किन को चमकदार बनाने तक में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप भी बाजार से आंवला खरीदने की जगह घर पर इसे नेचुरली उगाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। छत या आंगन में गमले में आप भी आसानी से आंवले का पौधा उगा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके आसान तरीके और देखभाल के टिप्स।

बीज से पौधा तैयार करना (सबसे आसान तरीका)

घर पर आंवले का पौधा उगाने का सबसे सरल तरीका बीज का उपयोग करना है।

  • बीज की तैयारी: किसी पके हुए आंवले से बीज निकालकर उसे 24 घंटे पानी में भिगोएं।
  • मिट्टी का मिश्रण: वर्मीकम्पोस्ट और कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर गीला करें। ड्रेनेज हॉल वाले पॉट में यह मिट्टी भरें।
  • रोपण: बीज को 1 सेंटीमीटर गहरा लगाएं और नमी बनाए रखें।
  • ध्यान रखने योग्य: आंवले के बीज को जर्मिनेट होने में 25-30 दिन का समय लगता है। पौधे को शुरुआत में ऐसी जगह रखें जहां धूप और छांव दोनों मिले।

जल्द फल पाने के लिए अपनाएं 'ग्राफ्टिंग'

बीज से उगाए गए पौधे में फल आने में 7-8 साल लग जाते हैं, जबकि ग्राफ्टिंग तकनीक से यह समय 2-3 साल तक कम हो जाता है।

  • सही समय: अगस्त से नवंबर के बीच ग्राफ्टिंग के लिए उपयुक्त होता है।
  • विधि: बीज से उगे एक साल पुराने पौधे (रूटस्टॉक) को बीच से काटें। अब फल देने वाले पेड़ की 4-5 इंच कलम (सायन) लें और उसे रूटस्टॉक में फिट करके टेप से बांध दें।
  • देखभाल: इसे पॉलीथीन से ढककर छाया में रखें। कुछ दिनों में नई पत्तियां आने लगेंगी। फ्लावरिंग के समय पानी कम दें।

एयर लेयरिंग से बनाएं नया पौधा

अगर आपके पास पहले से आंवले का पेड़ है, तो एयर लेयरिंग से नया पौधा तैयार कर सकते हैं।

  • प्रक्रिया: पेड़ की शाखा पर आधे इंच की दूरी पर दो गोल कट लगाएं और बीच की स्किन निकालें। वहां प्याज का रस या रूटिंग हार्मोन लगाएं।
  • मिट्टी लगाना: गीली मिट्टी को कट वाले हिस्से पर लपेटें और पॉलीथीन से बांध दें।
  • पौधा तैयार: 4-5 हफ्ते में जड़ें निकल आएंगी। शाखा को काटकर गमले में लगाएं और पत्तियों को आधा कर दें।

पौधे की देखभाल के जरूरी टिप्स

आंवले का पौधा सही से बढ़े, इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  1. मिट्टी का मिश्रण: गार्डन सॉइल, वर्मीकम्पोस्ट और रेत को बराबर मात्रा में लें। इसमें नीमखली पाउडर मिलाने से पौधा फंगल संक्रमण से बचा रहेगा।
  2. धूप:आंवले के पौधे को सही ग्रोथ के लिए पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां दिन भर सूरज की रोशनी आती हो।
  3. पानी: मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। Amla Plant

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उच्च सदन के लिए कांग्रेस ने जारी की सूची, इन दिग्गजों पर जताया भरोसा

गुरुवार को जारी सूची में पार्टी ने अनुभवी और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए कई चर्चित चेहरों पर भरोसा जताया है। सबसे प्रमुख नाम वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर तेलंगाना से राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस की उम्मीदवार घोषणा
कांग्रेस की उम्मीदवार घोषणा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Mar 2026 10:06 AM
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Rajya Sabha elections : आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए छह उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गुरुवार को जारी सूची में पार्टी ने अनुभवी और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए कई चर्चित चेहरों पर भरोसा जताया है। सबसे प्रमुख नाम वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर तेलंगाना से राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि सिंघवी वर्तमान में भी तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्च सदन के सदस्य हैं। तेलंगाना में इस बार राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है, और कांग्रेस ने दूसरी सीट के लिए मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले वी. नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है।

राज्यवार उम्मीदवारों का चयन

छत्तीसगढ़ से पार्टी ने मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम पर दोबारा विश्वास जताया है। उनके नाम की पुन: घोषणा से संकेत मिलता है कि कांग्रेस अनुभव और निरंतरता को महत्व दे रही है।

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। संगठनात्मक पृष्ठभूमि से आने वाले शर्मा को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।

हरियाणा से कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार घोषित किया गया है। यह चयन राज्य में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है। दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयासों के तहत कांग्रेस का यह फैसला अहम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस की यह सूची अनुभव, संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय संतुलन के संयोजन को दर्शाती है। राज्यसभा चुनाव से पहले जारी यह घोषणा पार्टी की रणनीतिक तैयारी और राजनीतिक प्राथमिकताओं की स्पष्ट झलक पेश करती है।

सीएम नीतीश जाएंगे राज्यसभा

वहीं दूसरी तरफ बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य के दस बार मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार अब उच्च सदन की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। वे आज सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। Rajya Sabha elections

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राज्यसभा की दौर में नीतीश कुमार, आज दाखिल करेंगे नामांकन

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है।

नीतीश कुमार
नीतीश कुमार
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Mar 2026 10:10 AM
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Rajya Sabha elections : बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा चुनाव के लिए पर्चा भरना राज्य की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के जरिए केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में लगभग दो दशकों बाद एक बड़े सत्ता परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है।

बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत

करीब 20 वर्षों से बिहार की सत्ता की धुरी बने रहे नीतीश कुमार के दिल्ली की राजनीति में जाने की चर्चा ने राज्य की सियासत को नई दिशा दे दी है। सूत्रों के अनुसार यदि वे राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल हो सकती है। हालांकि इस मुद्दे पर जेडीयू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को पटना में जेडीयू के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि पार्टी के नेता फिलहाल सार्वजनिक रूप से इस विषय पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

अमित शाह के साथ हो सकती है अहम बैठक

नीतीश कुमार के नामांकन के बाद एनडीए के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में संभावित नई सरकार के गठन और सत्ता के नए समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो बिहार में गठबंधन की राजनीति में भाजपा की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हो सकती है।

क्या बिहार को मिलेगा पहला बीजेपी मुख्यमंत्री?

अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में जाते हैं तो बिहार में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल राज्य सरकार में भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा हैं। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार अगर मुख्यमंत्री भाजपा का होता है तो जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नई व्यवस्था में एक उपमुख्यमंत्री होगा या दो।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम

नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है। सबसे प्रमुख नाम नित्यानंद राय का माना जा रहा है, जो फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। यादव समुदाय से आने वाले नित्यानंद राय को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दूसरा नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी बिहार भाजपा का एक बड़ा चेहरा हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि भाजपा नेतृत्व किसी अति पिछड़े वर्ग की महिला नेता को आगे कर नया राजनीतिक संदेश देने की रणनीति अपना सकता है। हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने नेतृत्व चयन में चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, इसलिए बिहार में भी ऐसा कदम उठाया जा सकता है। Rajya Sabha elections

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