नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या, जेल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

जेल में बंद आतंकवाद के आरोपित अब्दुल रहमान की रविवार देर रात हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, उसके सिर पर किसी नुकीली वस्तु से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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आतंकवाद के आरोपित अब्दुल रहमान
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Feb 2026 06:44 PM
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Jail Murder : हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जेल में बंद आतंकवाद के आरोपित अब्दुल रहमान की रविवार देर रात हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, उसके सिर पर किसी नुकीली वस्तु से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हमला जेल के भीतर ही एक अन्य कैदी द्वारा किया गया। आरोपी कैदी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, जबकि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

कौन था अब्दुल रहमान?

अब्दुल रहमान पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पहले राम मंदिर पर हमले की साजिश के मामले में गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के दौरान विस्फोटक सामग्री बरामद होने का भी दावा किया गया था। इसी केस के चलते वह नीमका जेल में बंद था।

जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल

जेल के भीतर इस तरह की हिंसक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जेल के अंदर नुकीली वस्तु कैसे पहुंची और हमला रोकने में सुरक्षा कर्मी क्यों नाकाम रहे। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब कर चुके हैं। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले और दौरान क्या-क्या हुआ। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है। यह घटना न सिर्फ जेल सुरक्षा पर, बल्कि उच्च-जोखिम कैदियों के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।Jail Murder



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माहिम में भीषण पाइपलाइन ब्लास्ट, हवा में उठा फव्वारा, बांद्रा-खार में पानी का संकट गहराया

उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर खुदाई के दौरान 900 मिमी व्यास वाली एक मुख्य जल पाइपलाइन अचानक फट गई। पाइप के अंदर भरे पानी का दबाव इतना अधिक था कि पानी हवा में कई फीट ऊंचा उछलने लगा। इसकी वीडियो तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

Mumbai Water Pipeline Burst Viral
माहिम पाइप बर्स्ट के बाद कहीं भी हो सकती है सप्लाई बाधित (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Feb 2026 06:12 PM
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Mumbai Water Pipeline Burst: माहिम कॉजवे स्थित मीठी नदी के पास सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां खुदाई के दौरान एक मुख्य पानी की पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे लाखों लीटर पीने का पानी सड़कों पर बह गया और कई फीट ऊंचा फव्वारा बन गया।

खुदाई के दौरान फटी 900 मिमी की पाइपलाइन

यह घटना दोपहर करीब 1:35 बजे उस समय हुई प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग (North bound carriageway) पर खुदाई के दौरान 900 मिमी व्यास वाली एक मुख्य जल पाइपलाइन अचानक फट गई। पाइप के अंदर भरे पानी का दबाव इतना अधिक था कि पानी हवा में कई फीट ऊंचा उछलने लगा। इसकी वीडियो तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। रिसाव के कारण माहिम कॉजवे पर सड़क भारी जलजमाव से भर गई, जिससे यहां यातायात लगभग ठप्प हो गया। बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता श्री फनसे ने रिसाव की पुष्टि करते हुए बताया कि आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।

बांद्रा और खार में भारी संकट

बता दें कि इस पाइपलाइन फटने का सीधा असर मुंबई के पश्चिमी उपनगरों की जलापूर्ति पर पड़ा है। बीएमसी के अनुसार, इस हादसे के चलते खार (वेस्ट) और बांद्रा (वेस्ट) के कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हुई है। प्रशासन ने सप्लाई जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को ‘युद्धस्तर’ पर शुरू कर दिया है।

आज भी जारी रहेगी पानी की कटौती

बता दें कि हादसे से पहले ही बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को बांद्रा, खार और आसपास के इलाकों में पानी की कटौती की घोषणा की थी। यह कटौती पाली हिल जल जलाशय के इनलेट मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत के लिए निर्धारित थी। अब इस ताजा ब्लास्ट ने निवासियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। एच-वेस्ट वार्ड (H-West Ward) में मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से आधी रात तक पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जनता के लिए जरूरी सलाह

बता दें कि मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री आशीष शेलार ने नागरिकों से पहले से तैयारी करने की अपील की है। बीएमसी ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे स्टोर किए गए पानी का उपयोग जिम्मेदारी से करें। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जब सप्लाई बहाल होगी, तो एहतियात के तौर पर अगले चार से पांच दिनों तक पानी को छानकर और उबालकर ही पीने का उपयोग करें। किसी भी सहायता के लिए नागरिक नगरपालिका के हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क कर सकते हैं। Mumbai Water Pipeline Burst

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विदेशी मुद्रा का नया स्रोत बना भारत का दूध, घी और मक्खन, जानें किन देशों को भेजता है निर्यात

भारतीय दूध, घी और मक्खन अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी पसंद किया जाता है और साथ ही, कई अन्य देशों की तुलना में भारतीय डेयरी उत्पादों की कीमतें किफायती होना भी इनकी बढ़ती मांग का प्रमुख कारण है।

Milk—Ghee—Butter Export
भारतीय डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Feb 2026 04:55 PM
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Milk-Ghee-Butter Export: भारत को आमतौर पर दुनिया का अनाज और मसालों का भंडार कहा जाता है, लेकिन अब एक ऐसा सेक्टर उभर कर सामने आ रहा है जो चुपचाप देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा है। यह है देश का डेयरी सेक्टर। दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक होने के नाते भारत अब घरेलू जरूरतों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी अपनी दबदबा बना रहा है। भारतीय दूध, घी और मक्खन आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

ये हैं भारतीय उत्पादों के बड़े खरीदार

भारतीय डेयरी उत्पादों की सबसे बड़ी मांग मध्य पूर्व और एशियाई देशों से आ रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों में भारतीय घी की खास मांग है। इसके अलावा, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी देश भी भारत से दूध और मिल्क पाउडर की खरीदारी करते हैं। वहीं, अमेरिका, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, नाइजीरिया और मिस्र भी भारत से डेयरी उत्पादों का आयात करने वाले प्रमुख देशों में शुमार हैं। मध्य पूर्व और एशियाई देशों में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की वजह से भी यहां देसी खान-पान की मांग बरकरार है, जिससे भारतीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है।

शुद्धता और कीमत है बड़ी वजह

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय घी की शुद्धता और स्वाद को काफी पसंद किया जाता है। साथ ही, कई अन्य देशों की तुलना में भारतीय डेयरी उत्पादों की कीमतें किफायती होना भी इनकी बढ़ती मांग का प्रमुख कारण है। भारत मुख्य रूप से स्किम्ड मिल्क पाउडर, फुल क्रीम मिल्क पाउडर, घी और मक्खन का निर्यात करता है। हाल के वर्षों में फैट बेस्ड उत्पादों (घी और मक्खन) की मांग में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है। इसके अलावा पनीर और दही के निर्यात में भी तेजी आई है।

आंकड़े: कितनी हुई कमाई?

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने सिर्फ घी और मक्खन के निर्यात से करीब 3,222 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं, पनीर और दही के निर्यात से लगभग 495 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने कुल डेयरी उत्पादों का निर्यात करीब 272.64 मिलियन डॉलर के स्तर पर किया था। अब माना जा रहा है कि 2024-25 में यह आंकड़ा पहले से बेहतर रहेगा।

बड़ी भूमिका निभा रही ये कंपनियां

भारत के डेयरी निर्यात में गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), मदर डेयरी और वीआरएस फूड्स जैसी कंपनियों की अहम भूमिका है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उत्पाद तैयार कर ये कंपनियां 136 से ज्यादा देशों में भारतीय डेयरी उत्पादों की पहुंच बना चुकी हैं। मजबूत दुग्ध उत्पादन व्यवस्था और कोऑपरेटिव मॉडल की वजह से भारत अब दुनिया के डेयरी मैप पर एक मजबूत स्थिति में है। Milk-Ghee-Butter Export

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