सिरसा में अपने ही खून में नशे की गोलियां घोलकर ले रहे युवा

गांव में अब तक 35 से अधिक युवा मारे जा चुके हैं, जिनकी उम्र 16 से 25 साल के बीच थी। कोविड-19 महामारी के दौरान नशे की आपूर्ति में रुकावट आने के बाद इस समस्या ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया। युवक पहले अपनी नसों से खून निकालते हैं और उसमें नशे की गोलियां मिलाकर शरीर में इंजेक्शन लगाते हैं।

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युवा अब अपनी जान जोखिम में डालकर नशा कर रहे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Feb 2026 03:31 PM
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Drug Addiction Problem : हरियाणा के सिरसा जिले के ओटू गांव में नशे की समस्या बेहद गंभीर रूप ले चुकी है। हालात इतने भयावह हैं कि युवा अब अपनी जान जोखिम में डालकर नशा कर रहे हैं। यहां पानी की कमी के कारण कुछ युवा अपने ही खून में नशे की गोलियां घोलकर इंजेक्शन लगा रहे हैं।

मौतों की संख्या और उम्र

गांव में अब तक 35 से अधिक युवा मारे जा चुके हैं, जिनकी उम्र 16 से 25 साल के बीच थी। कोविड-19 महामारी के दौरान नशे की आपूर्ति में रुकावट आने के बाद इस समस्या ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया। युवक पहले अपनी नसों से खून निकालते हैं और उसमें नशे की गोलियां मिलाकर शरीर में इंजेक्शन लगाते हैं। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि गांव-गांव में देखी जाने वाली सच्चाई है। इस व्यवहार ने न केवल उनके जीवन को खतरे में डाल दिया है, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक और आर्थिक दबाव में डाल दिया है। उदाहरण के तौर पर, एक बुजुर्ग ने बताया कि उनके 19 वर्षीय पोते की ओवरडोज से मौत हो गई जबकि बड़ा पोता राजस्थान में नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहा है।

प्रशासनिक और सामाजिक विफलता

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 2017-18 में खेल मैदान बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए पंचायत ने जमीन भी उपलब्ध करवाई, लेकिन अब तक काम नहीं हुआ और जमीन पर कूड़ाघर बन गया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि काम प्रक्रियाधीन है। 

विधायक अर्जुन चौटाला ने विधानसभा में बार-बार इस मुद्दे को उठाया है और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, नशामुक्ति केंद्रों को मजबूत करने और जिला स्तर पर निगरानी कमेटियां बनाने की मांग की है।

सामाजिक और मानवीय प्रभाव

* युवा नशे के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं।

* परिवार मानसिक और आर्थिक बोझ झेल रहे हैं।

* रात के समय श्मशान घाट के पास इंजेक्शन लगाने वाले युवा देखे जाते हैं।

समाधान की दिशा

* सरकारी नशामुक्ति केंद्रों को सुदृढ़ करना।

* नशा तस्करों और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।

* युवाओं के लिए खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की सुविधा।

* परिवार और समाज में जागरूकता और सहयोग बढ़ाना।



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महाशिवरात्रि की रात क्यों है सबसे खास? जानें पूजा, मंत्र और शुभ समय

Mahashivratri: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह की स्मृति में व्रत, रात्रि जागरण और चार प्रहर की विशेष पूजा की जाती है। यहां जानें महाशिवरात्रि की सही तिथि, पूजा मुहूर्त, निशीथ काल का समय, जलाभिषेक के शुभ घंटे और व्रत की सरल विधि।

Mahashivratri
महाशिवरात्रि
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Feb 2026 09:31 AM
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फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी की यह पवित्र रात सिर्फ एक पर्व नहीं बल्कि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का उत्सव है। महाशिवरात्रि वह खास अवसर है जब पूरा देश “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठता है। मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं लेकिन महाशिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। इस दिन व्रत, रात्रि जागरण और चार प्रहर की पूजा का विशेष विधान है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जा रही है और इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं जो पूजा के फल को और भी शुभ बना देते हैं।

चार प्रहर पूजन का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि की रात को चार प्रहर में पूजा करने का विशेष महत्व है। हर प्रहर में भगवान शिव का अभिषेक और मंत्र जाप किया जाता है।

प्रथम प्रहर

शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक

द्वितीय प्रहर

रात 9:23 बजे से 16 फरवरी को 12:35 बजे तक

तृतीय प्रहर

रात 12:35 बजे से सुबह 3:47 बजे तक

चतुर्थ प्रहर

सुबह 3:47 बजे से 6:59 बजे तक

चारों प्रहर में शिवलिंग पर जल, दूध या गंगाजल चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है।

निशीथ काल का महत्व

महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे पवित्र समय निशीथ काल होता है।

निशीथ काल मुहूर्त

रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक (16 फरवरी)

इस समय शिव पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

जलाभिषेक के शुभ समय

यदि आप दिन में अभिषेक करना चाहते हैं तो ये समय उत्तम रहेंगे-

सुबह 8:24 से 9:48 बजे तक

सुबह 9:48 से 11:11 बजे तक

सुबह 11:11 से 12:35 बजे तक (अमृत सर्वोत्तम समय)

शाम 6:11 से 7:47 बजे तक

श्रद्धा से जल अर्पित करने मात्र से भी भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं।

बन रहे हैं शुभ योग

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं जैसे-

व्यतीपात योग- 15 फरवरी सुबह 3:18 बजे से 16 फरवरी रात 2:47 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 7:00 बजे से शाम 7:48 बजे तक

इसके अलावा प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शिव, शुक्ल, शोभन, चंद्रमंगल और राजयोग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं।

महाशिवरात्रि की सरल पूजन विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।

साफ वस्त्र पहनें और शिव मंदिर जाएं।

शिवलिंग पर जल, दूध या गन्ने के रस से अभिषेक करें।

बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल और मिठाई अर्पित करें।

“ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

शिव चालीसा पढ़ें और आरती करें।

रात में जागरण करना भी शुभ माना जाता है।

महाशिवरात्रि के शक्तिशाली मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र

ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

रुद्र गायत्री मंत्र

ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।

तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

महाशिवरात्रि की कथा

गरुड़ पुराण में एक कथा मिलती है। एक शिकारी जंगल में शिकार की तलाश में गया लेकिन उसे कुछ नहीं मिला। रात में वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष के नीचे बैठ गया जहां शिवलिंग स्थापित था। अनजाने में उसके हाथ से बेलपत्र और जल शिवलिंग पर गिर गए। इस तरह उससे अनजाने में शिव पूजा हो गई। जब मृत्यु के बाद यमदूत उसे लेने आए तो शिवगणों ने उसकी रक्षा की। इस कथा से सीख मिलती है कि सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा सा कार्य भी भगवान शिव को प्रिय होता है।

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भारत-पाक मैच पर वारिस पठान का सीधा हमला

पठान ने अपने बयान में पुलवामा हमले, 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम और हालिया रेड फोर्ट ब्लास्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है।

AIMIM national spokesperson Waris Pathan
वारिस पठान का तीखा तंज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 05:00 PM
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India Pakistan Match Controversy: आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का दर्द झेल चुके देश के लिए पाकिस्तान से क्रिकेट मैच खेलना शहीदों का अपमान और एक शर्मनाक कृत्य है।

पाक समर्थित आतंकवाद का किया जिक्र

पठान ने अपने बयान में पुलवामा हमले, 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम और हालिया रेड फोर्ट ब्लास्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले और लाल किले पर हुए विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद का नाम आ रहा है। हमने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव जैसे अभियान चलाए, लेकिन इसके बाद भी भारत पाकिस्तान के साथ मैच खेल रहा है।

BCCI और अमित शाह को संबोधित

वारिस पठान ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जय शाह और बीसीसीआई का नाम लेते हुए उनकी राष्ट्रवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा अमित शाह, जय शाह और बीसीसीआई में अगर थोड़ा भी राष्ट्रवास या देशभक्ति बची हुई है, तो भारत को पाकिस्तान से मैच नहीं खेलना चाहिए।

'बहनों के सिंदूर को याद करें'

पठान ने पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों के परिजनों का जिक्र करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि हम क्या जवाब देंगे उन बहनों को, जिनका पहलगाम में सिंदूर उजाड़ दिया गया? पाकिस्तान के आतंकवादियों ने मजहब के नाम पर वहां के पर्यटकों को उनकी बीवी-बच्चों के सामने गोली मार दी। कुछ चुनिंदा रुपयों के लिए मैच खेलना... वारिस पठान ऐसे रुपयों पर थूकता है, जहां मेरे देश की मान-मर्यादा का सवाल हो।

'देश देख रहा है कौन है सच्चा राष्ट्रवादी'

उन्होंने यह भी कहा कि देश ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध खत्म किए, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन क्रिकेट मैच खेलना दोहरी नीति है। पठान ने कहा कि देश देख रहा है कि कौन बड़ा राष्ट्रवादी है और कौन बड़ा देशभक्त। पाकिस्तान एक छोटा-सा मुल्क है, भारत को खड़ा होकर कहना चाहिए था कि हमें तेरे साथ कोई रिश्ता नहीं रखना है। यही जज्बा होना चाहिए था। उन्होंने मैच को तुरंत रोकने की मांग की है। India Pakistan Match Controversy

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