
इससे निपटने के लिए, आरबीआई (RBI ) ने पिछले साल एक ऑनलाइन पोर्टल UDGAM (लावारिस जमा-सूचना तक पहुंचने का प्रवेश द्वार) भी लॉन्च किया था, ताकि उपयोगकर्ताओं को केंद्रीकृत तरीके से कई बैंकों में दावा न किए गए जमा की खोज करने में मदद मिल सके। मार्च 2024 तक, 30 बैंक UDGAM का हिस्सा बन चुुुके हैं, जो लावारिस धन पर जानकारी प्रदान करते हैं। आरबीआई ने बैंकों को बड़ी लावारिस रकम की नियमित समीक्षा करने और ऐसे ग्राहकों तक पहुंचने का भी निर्देश दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि अकाउंट एग्रीगेटर प्रणाली जैसी तकनीक-संचालित पहल, जो किसी व्यक्ति के सभी बैंक खातों को एक केंद्रीय ढांचे से जोड़ती है, बैंकों के पास पड़े लावारिस धन को कम करने में मदद कर सकती है।