राशन कार्ड वालों की बल्ले-बल्ले, एक साथ मिलेगा तीन महीने का राशन
केंद्र सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल महीने में पात्र लोगों को सिर्फ एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून 2026 यानी तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा।

April Free Ration: केंद्र सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल महीने में पात्र लोगों को सिर्फ एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून 2026 यानी तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से साझा की गई है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सभी लाभार्थी अपने नजदीकी राशन डीलर या उचित मूल्य की दुकान से तय समय पर यह राशन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि तीन महीने का राशन एक साथ देने के पीछे क्या खास वजह है।
सरकार ने फर्जी राशन कार्ड पर भी कसा शिकंजा
इस बीच, सरकार ने संसद में यह भी जानकारी दी है कि वर्ष 2025 के दौरान देशभर में 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने लिखित जवाब में बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है और इसी वजह से फर्जी तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है। मंत्री के अनुसार, हरियाणा में सबसे ज्यादा करीब 13.43 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए। इसके बाद राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए।
डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार डिजिटल सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड और लाभार्थियों का डेटा पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनें लगाई जा चुकी हैं। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हुई है।
आधार लिंकिंग और डिजिटल सत्यापन से सिस्टम मजबूत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों का डेटा आधार से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 98.75 प्रतिशत राशन वितरण अब आधार आधारित बायोमेट्रिक और अन्य डिजिटल सत्यापन के जरिए किया जा रहा है। मंत्री ने साफ कहा कि पीडीएस के डिजिटलीकरण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज सही लोगों तक पहुंचे, व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और खाद्यान्न की चोरी या फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके। April Free Ration
April Free Ration: केंद्र सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल महीने में पात्र लोगों को सिर्फ एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून 2026 यानी तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से साझा की गई है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सभी लाभार्थी अपने नजदीकी राशन डीलर या उचित मूल्य की दुकान से तय समय पर यह राशन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि तीन महीने का राशन एक साथ देने के पीछे क्या खास वजह है।
सरकार ने फर्जी राशन कार्ड पर भी कसा शिकंजा
इस बीच, सरकार ने संसद में यह भी जानकारी दी है कि वर्ष 2025 के दौरान देशभर में 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने लिखित जवाब में बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है और इसी वजह से फर्जी तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है। मंत्री के अनुसार, हरियाणा में सबसे ज्यादा करीब 13.43 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए। इसके बाद राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए।
डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार डिजिटल सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड और लाभार्थियों का डेटा पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनें लगाई जा चुकी हैं। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हुई है।
आधार लिंकिंग और डिजिटल सत्यापन से सिस्टम मजबूत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों का डेटा आधार से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 98.75 प्रतिशत राशन वितरण अब आधार आधारित बायोमेट्रिक और अन्य डिजिटल सत्यापन के जरिए किया जा रहा है। मंत्री ने साफ कहा कि पीडीएस के डिजिटलीकरण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज सही लोगों तक पहुंचे, व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और खाद्यान्न की चोरी या फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके। April Free Ration












