गाजियाबाद में सक्रिय हैं 'जल माफिया', प्रतिदिन कर रहे हैं 12 करोड लीटर जल दोहन
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:10 AM
Ghaziabad: गाजियाबाद। सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र आर्य ने आरोप लगाया है कि अकेले गाजियाबाद जिले में 12 करोड लीटर से भी अधिक पानी बर्बाद किया जा रहा है। यह बर्बादी जिले में सक्रिय "जल माफिया"कर रहा है। इन माफियाओं ने जगह-जगह अवैध रूप से पानी के आर.ओ. प्लांट लगा रखे हैं। अवैध रूप से जल का दोहन करके बेशकीमती पानी को बर्बाद किया जा रहा है।
श्री आर्य ने उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष व प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को एक पत्र लिखकर यह आरोप लगाया है। यह सवाल उन्होंने सोशल मीडिया पर भी उठाया है। श्री आर्य ने लिखा है कि उप्र जल मंत्री स्वतंत्र देव जी से पूछना चाहता हूँ कि भूगर्भ जल दोहन उप्र 2019 एक्ट लागू होने पर भी आर.ओ. प्लांट गा.बाद और उप्र में धड़ल्ले से क्यों चालू है? जब की मैं रविंद्र आर्य जल दोहन की शिकायत एक महीने से कर रहा हूँ। ग़जिय़ाबाद मे पानी का लेवेल बहुत कम हुआ है, जैसा की आपने न्यूज़ पेपर आदि में भी देखा होगा कि खोड़ा कलोनी में पानी का लेवेल बहुत कम हो गया है, जो खोड़ा कॉलोनी दिल्ली बॉर्डर से मात्र करीब 1 किलोमीटर दूर है। और आर.ओ. प्लांट दुकानदार सरेआम जल दोहन कर रहे है। जिसकी शिकायत मैंने गाजियाबाद डीएम, एसडीएम, एडीएम और सिचाई विभाग के नोडल ऑफिसर हरिओम से भी की है।
गाजियाबाद जिले में अनुमानित अवैध आर.ओ. प्लांट एक दिन में 250000 लाख लीटर पानी खराब कर रहे हैं। जबकि अकेले गाजियाबाद जिले में अनुमानित 500 प्लांट हैं। इस प्रकार 12 करोड 50 लाख लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद किया जा रहा है। अवैध आरओ प्लांट दुकानदार पैसे कमा रहे है जल दोहन करके, जब की भूगर्भ जल दोहन 2019 एक्ट में नियमावली के अनुसार आर ओ प्लांट को लाइसेंस और एन.ओ.सी. का प्रावधान ही नहीं है तो आर ओ प्लांट दुकानदार बिना लाइसेंस और एन.ओ.सी. कैसे चालू हो गए। जिसमे जल सिचाई विभाग बहुत सुस्त रवैया अपना रहा है। भूगर्भ जल दोहन का नोटिस एवं चालन ना करना इसका एक प्रमाण रहा है। श्री आर्य ने सभी अवैध आर.ओ. प्लांट त्वरित प्रभाव से बंद कराने की मांग की है।