किरायेदार से झगड़े के दौरान बीपी बढ़ने से महिला को हुआ ब्रेनहैमरेज
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:41 PM
Noida News : नोएडा थाना फेस 1 क्षेत्र के सेक्टर 15 से एक खबर सामने आई है। जिसमें एक किराएदार से हुए वाद विवाद के बाद एक महिला का बीपी इतना बढ़ गया की उसे अचानक ही ब्रेन हैमरेज हो गया। इसके बाद महिला को नोएडा के अस्पताल में ले जाया गया। वहीं इस घटना के बाद परिजनों ने नोएडा थाने में किराएदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है।
उपचार के दौरान हुई महिला की मौत
नोएडा सेक्टर 15 ई ब्लॉक निवासी वंदना सिन्हा को परिजनों ने गंभीर स्थिति में नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान वंदना सिन्हा की मौत हो गई। पुलिस को शिकायत दर्ज करने के दौरान परिजनों ने बताया कि वंदना सिन्हा हाई ब्लड प्रेशर की मरीज थी। किसी बात को लेकर उनका अपने किराएदार से वाद विवाद हो गया। वाद विवाद के दौरान वंदना सिन्हा का बीपी हाई होने के चलते उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया।
आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
परिजनों ने किराएदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नोएडा थाना फेस वन पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। वहीं इस घटना को लेकर थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही पुलिस परिजनों के लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
दिनपर दिन ऐसी घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। जिसमें अचानक लोगों का ब्रेन हैमरेज हो जा रहा है। लेकिन अब सवाल यह आता है कि आखिर ब्रेन हैमरेज होता क्या है? इसके लक्षण क्या है और इससे बचे कैसे आइए जानते हैं।
क्या होता है ब्रेन हैमरेज ?
जब ब्रेन को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, तो दिमाग के सेल्स मरने लगते हैं। ऐसे में शरीर के गतिविधियां प्रभावित होने लगते हैं। जिसे इंट्राक्रानियल हेमरेज या सेरेब्रल हेमरेज कहा जाता है। ऐसे में अगर तीन से चार मिनट से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन की कमी हो जाए तो इससे दिमाग की नसें बुरी तरह से प्रभावित होती है।
क्या है इसके लक्षण ?
जब किसी व्यक्ति को ब्रेन हैमरेज का अटैक आता है तब उसके शरीर के किसी भाग में लकवा मारने लगता है, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न या कमजोरी हो जाता है, इसके होने पर खाने-पीने में कठिनाई होने लगती है, आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है जिसकी वजह से इंसान की मौत भी हो सकती है।
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ब्रेन हैमरेज से कैसे बचे ?
इससे बचने के लिए हमेशा अपना बीपी चेक करवाते रहें। खासतौर पर हाई बीपी के मरीजों को अपना बीपी चेक करवाते रहना चाहिए। हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए वजन कंट्रोल में रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में हमेशा हेल्दी डाइट लें और रोजाना एक्सरसाइज करें। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा ही अपने शुगर लेवल पर कंट्रोल रखने की जरूरत होती है।
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