
Noida News (चेतना मंच)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में बिजनेस में पार्टनर बनने का झांसा देकर जल साथ पिता-पुत्र ने तीन व्यक्तियों से करोड़ों रुपये लेकर हड़प लिए। आरोपियों द्वारा पार्टनरशिप डीड न किए जाने पर पीड़ितों ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
नोएडा के सेक्टर-4 निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि वह नोएडा के सेक्टर-4 में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। उनकी जान पहचान मॉडल टाउन दिल्ली निवासी अरविंद महेश्वरी तथा उनके बेटे अक्षय माहेश्वरी से थी। व्यापार के सिलसिले में इन लोगों से उसका मिलना जुलना होता रहता था। प्रदीप कुमार गुप्ता के मुताबिक कुछ समय पूर्व अरविंद माहेश्वरी ने ने बताया कि उसे व्यापार में घाटा हो गया है और वह उनके साथ उनके व्यापार में पैसा निवेश कर पार्टनरशिप कर ले। अरविंद माहेश्वरी तथा उनके बेटे अक्षय माहेश्वरी ने उन्हें बेहतर रिटर्न का विश्वास दिलाकर व्यापार में 10 करोड रुपये निवेश करने का प्रस्ताव रखा।
प्रदीप कुमार गुप्ता के मुताबिक पुरानी जान पहचान होने के कारण वह पार्टनरशिप करने के लिए तैयार हो गया उसने स्वयं तथा अपने एक अन्य साथी राजेश अग्रवाल के साथ मिलकर पिता पुत्र को 2 करोड़ 97 लाख रुपये मूल्य की ज्वेलरी तथा 53 लाख रुपये नकद दे दिए। कुछ समय पश्चात उसने अपने दूसरे साथी अंकित गर्ग के साथ मिलकर अरविंद माहेश्वरी तथा अक्षय महेश्वरी को 3 करोड रुपये की ज्वेलरी तथा 49 लाख रुपये नकद दिए। करीब 7 करोड रुपये मिलने के बाद दोनों पिता पुत्र के मन में बेईमानी आ गई और वह पार्टनरशिप डीड लिखने में आना-कानी करने लगे।
प्रदीप गुप्ता के मुताबिक एक बार दोनों से मिलने उनके घर पहुंचे लेकिन उन्होंने झूठा आश्वासन देकर उन्हें बैरंग लौटा दिया। इसके बाद उन्होंने जब आरोपियों से निवेश किए गए पैसे वापस मांगे तो उन्होंने देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि उनके संबंध बड़े-बड़े अधिकारियों एवं बदमाश किस्म के व्यक्तियों से हैं और उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अगर दोबारा पैसे मांगे तो वह उसकी हत्या करा देंगे और लाश का भी पता नहीं चलने देंगे। उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई करने पर बुरा अंजाम भुगतने की भी धमकी दी। नोएडा के थाना फेस 1 प्रभारी ध्रूूव भूषण दुबे ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है। पुलिस पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच पड़ताल कर रही है।