Noida News FONRWA Election : नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) की चुनाव प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए रविवार को मतदान हो रहा है। रविवार की सुबह दस बजे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिसमें पूरे नोएडा से 227 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मतदान स्थल पर वोट देने वालों और वोट की आशा करने वालों का पूरा मेला लगा हुआ है। इलेक्शन बिल्कुल निष्पक्ष आधार पर चल रहा है। मतदान संपन्न होने के बाद शाम को परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव को लेकर कुछ अजब गजब नजारे भी सामने आ रहे हैं। वोट दो नोट पाओ का खेल भी इस चुनाव में चल रहा है।
मतदान स्थल के बाहर चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे दोनों पैनलों के प्रत्याशी अपने दल बल के साथ बाहर खड़े हैं। दोनों टीमों के प्रत्याशी आमने-सामने खड़े है, गेट से जो भी मतदाता निकलता है इनसे मिलकर ही अंदर जाता है। दोनों टीमों द्वारा मतदाताओं का स्वागत भी किया जा रहा है और साथ ही अपने अपने पक्ष में मतदान करने की अपील भी की जा रही है।
शाम तक आएगा नतीजा
आपको बता दें कि फोनरवा चुनाव के लिए योगेंद्र शर्मा-केके जैन पैनल से अध्यक्ष पद के लिए योगेंद्र शर्मा, महासचिव पद के लिए केके जैन, कोषाध्यक्ष पद के लिए पवन यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए अशोक मिश्रा, विजय भाटी, देवेंद्र सिंह चौहान व सुशील यादव, उपाध्यक्ष पद के लिए प्रदीप वोहरा, अशोक शर्मा, लाटसाहब लोहिया व संजय चौहान, लीगल सचिव पद के लिए उमाशंकर शर्मा, सचिव पद के लिए विनोद शर्मा, सुखबीर, देवेंद्र सिंह और जीएस सचदेवा, सह सचिव पद के लिए सुशील शर्मा, कोशिंदर यादव, हिरदेश कुमार गुप्ता व राजेश सिंह तथा सह कोषाध्यक्ष पद के लिए भूषण शर्मा चुनाव मैदान में हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के अनुसार, फोनरवा के चुनाव में एक पैनल ने अपने मतदाताओं से कहा है कि मतदान की मोबाइल से फोटो खींचकर सबूत दिखाओ और 50000 नगद ले जाओ। कल रात से ही कई मतदाताओं ने इसकी जानकारी दी है। इसके बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कुछ मतदाताओं ने मांग की है कि जिलाधिकारी इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करके चुनाव अधिकारी को निर्देश दें कि मतदान के दौरान कोई भी मतदाता अंदर मोबाइल फोन ना ले जा पाए।
बताया जाता है कि इस चुनाव में जहां खुलेआम दावतों तथा शराब का दौर चलाकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया गया, वहीं अब यह नई स्कीम चलाई जा रही है ताकि मतदाता उसके पक्ष में वोट दे। इसको लेकर कई ईमानदार मतदाताओं ने चुनाव अधिकारी की कार्यशाली पर सवाल खड़े करते हुए जिलाधिकारी से मांग की है कि वह मतदान के दौरान मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाए, ताकि कोई भी मतदाता अंदर मोबाइल फोन से फोटो ना खींच सके। चुनाव लड़ रहे कई पदाधिकारी ने भी इस आशय की जानकारी दी है।
इस चर्चा में कितना दम है यह तो दोनों पैनल वाले ही जाने, लेकिन इसको लेकर कल रात से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है। यदि ऐसे आरोप लगे हैं तो जिलाधिकारी को मामले में तुरंत हस्तक्षेप करके मतदान के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाना उचित होगा। ऐसी मांग कई आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी ने की है।