
मीना इस सजी-संवरी बहू बेटे की जोड़ी को देख बहुत खुश हुई। फिर धीरे से प्यार से बोली बेटा थोड़ा समय से आ जाना रात को अकेले अजीब सा लगता है। उसका तो इतना बोलना ही पाप हो गया। बहु उस पर बम की तरह फट पड़ी। मुझे इसीलिए जॉइंट परिवार पसंद नहीं। सुबह से उठो काम करो पैसा लाओ और उसके बाद भी कहीं जाना हो तो इतनी रोक-टोक। वह गुस्से से चिल्ला रही थी। मीना का बेटा भी सकते में?यह वही लड़की है? वह चुप ! धीरे से बोला, सिर्फ इतना ही तो कहा है मम्मी ने? बहु ने उसी वक्त अपना पर्स पटका उछाल कर सैन्डल फेंक अपनी फ्रेंड को फोन कर लगभग चिल्लाई। आज हम डिनर पर नहीं आ सकते। और दोबारा चिल्लाई मैं यहां नहीं रह सकती। मुझे अपनी पर्सनल लाइफ भी चाहिए। पति पर चिल्लाई आज से ही मकान ढूंढना शुरू कर दो?